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छात्रों की पढ़ाई में कमी तो शिक्षकों की रुकेगी वेतन वृद्धि

Mon, 25 Dec 2017 01:41 AM IST
Updated Mon, 25 Dec 2017 01:41 AM IST
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छात्रों की पढ़ाई में कमी तो शिक्षकों की रुकेगी वेतन वृद्धि
छात्रों की पढ़ाई में कमी तो शिक्षकों की रुकेगी वेतन वृद्धि
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
सरकारी स्कूलों का शैक्षिक स्तर सुधारने के लिए नए साल में और सख्ती किए जाने की तैयारी है। लर्निंग आउट कम के मानकों के हिसाब छात्रों की पढ़ाई के स्तर सुधारने का हर फार्मूला फेल होने के बाद अब पुरानी पद्धति के मुताबिक तिमाही और छमाही परीक्षाएं होंगी। इनका कक्षाओं के लिहाज से आकलन किया जाए। नई व्यवस्था में छात्रों की उपलब्धि मूल्यांकन से शिक्षकों की वेतन वृद्धि, वार्षिक आकलन, प्रोन्नति आदि को जोड़ा जा रहा है। इस संबंध में विभाग ने ‘होमवर्क’ पूरा कर लिया है।
स्कूलों का शैक्षिक स्तर एनसीईआरटी के मानकों के अनुरूप उठाने के लिए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) के तहत लर्निंग आउट कम परीक्षा के अलावा एससीईआरटी के लर्निंग आउटकम असेस्मेंट परीक्षाओं से पढ़ाई की जो स्थिति सामने आ रही है वह चिंताजनक है। स्कूलों की पढ़ाई में अपेक्षित सुधार नहीं आ रहा है। बच्चे जो कक्षाएं पास कर ले रहे हैं, उस हिसाब से उन्हें जानकारी नहीं होती है। इसे सुधारने के लिए नए साल में विभाग नई कार्ययोजना तैयार कर रहा है।
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इस संबंध में गत दिवस मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की शिक्षा समीक्षा बैठक और विद्यालयी सचिव डॉ. भूपेंदर कौर औलख की बैठक में भी चिंता व्यक्त की गई। नई कार्ययोजना में तय किया जा रहा है कि सैद्धांतिक तौर पर होने वाली लर्निंग आउट परीक्षा के अलावा विद्यालयों में हर तीन महीने और छह महीने में परीक्षाएं की जाएं। जहां छात्रों की पढ़ाई में कमी पाई जाएगी, वहां के शिक्षकों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा। छात्रों की पढ़ाई की स्थिति को सीधे शिक्षकों की प्रोन्नति, वेतन वृद्धि से जोड़ा जा रहा है। छात्रों की पढ़ाई शिक्षकों का ग्राफ तय करेगी। इसके साथ पढ़ाई में कमजोर बच्चों को तेज करने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे।
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-सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को बेहतर करने के लिए व्यावहारिक तरीके अपनाए जाएंगे। त्रैमासिक और छमाही परीक्षाएं होंगी। इसे सीधे शिक्षकों की वेतन वृद्धि, पदोन्नति आदि से जोड़ा जाएगा। शिक्षक का ग्राफ उसके छात्रों की परफोर्मेंस पर निर्भर करेगा। नई कार्ययोजना तैयार करने के लिए होमवर्क कर लिया गया है।
-कैप्टन आलोक शेखर तिवारी, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा
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