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अब गड्ढे भी भरेगी यातायात पुलिस
Updated Wed, 27 Jun 2018 02:08 AM IST
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अब गड्ढे भी भरेगी यातायात पुलिस
तीन मिनट में सड़क का गड्ढा भर देगी पोथहोल रिपेयरिंग मशीन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। यातायात व्यवस्था में सुधार करने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस विभाग कवायद में जुटा है। हाल ही में यातायात निदेशालय को 136 ई-चालान मशीनें मिली हैं। इसी क्रम में पुलिस अब सड़कों के गड्ढे भी भरेगी। इसके लिए यातायात निदेशालय की ओर से एक मशीन मंगाई जा रही है। यह मशीन महज तीन मिनट में गड्ढा भर देगी। पुलिस का दावा है कि इस मशीन से गड्ढे भरने में भी लागत लोक निर्माण विभाग के निर्धारित खर्च कम आएगा। इस मशीन के अलावा भी पुलिस ने कई उपकरणों की खरीद यातायात पुलिस के लिए गए हैं। इनमें कुछ क्रेन, इंटरसेप्टर, एल्कोमीटर आदि शामिल हैं।
सड़क दुर्घटनाओं में गड्ढे बड़ी वजह माने जाते हैं। कई जगह ये गड्ढे लंबे समय तक जस के तस रहते हैं और बढ़ते रहते हैं। ऐसा पीडब्ल्यूडी, जिला पंचायत, नगर निकाय आदि निर्माण करने वाले विभागों की देरी से होता है। इस बीच कई गंभीर दुर्घटनाएं इन गड्ढों के कारण हो जाती हैं। यातायात पुलिस की ओर से भी विभागों को कई बार पत्राचार करना पड़ता है।
ऐसे में अब यातायात पुलिस ने ही इसका हल खोज निकाला है। यातायात निदेशक केवल खुराना ने बताया कि इसके लिए अब एक पोथहोल रिपेयरिंग मशीन (गड्ढा भरने की मशीन) खरीदी जा रही है। यह मशीन एक गड्ढे को भरने में केवल तीन मिनट का समय लेती है, जबकि गड्ढे को भरने का खर्च (डीजल, मैटेरियल और मजदूरी समेत) लगभग 500 रुपये आता है। इसे केवल एक व्यक्ति ही संचालित कर सकता है। ऐसे में बहुत ज्यादा मानव संसाधन की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि इस मशीन की कीमत 10 से 20 लाख रुपये के बीच है। इसके लिए कई कंपनियों से कुटेशन मंगाई गई हैं। जल्द ही इसकी खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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ये उपकरण भी खरीदे गए
- 12 क्रेन
- 06 इंटरसेप्टर
- 13 एल्कोमीटर
- 12 स्पीड गन
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डिवाइडर बनाने की मशीन खरीदने की तैयारी
यातायात पुलिस की ओर से अगले फेज में डिवाइडर बनाने की मशीन खरीदने की योजना बनाई जा रही है। यह मशीन चंद मिनटों में ही आरसीसी का डिवाइडर तैयार कर देगी। इसकी कीमत और काम को देखने के लिए अध्ययन किया जा रहा है। यदि यह मशीन भी यातायात पुलिस के बेड़े में शामिल हो जाती है तो डिवाइडर बनाने के लिए एमडीडीए या किसी दूसरे विभाग की आवश्यकता नहीं होगी।
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तीन मिनट में सड़क का गड्ढा भर देगी पोथहोल रिपेयरिंग मशीन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। यातायात व्यवस्था में सुधार करने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस विभाग कवायद में जुटा है। हाल ही में यातायात निदेशालय को 136 ई-चालान मशीनें मिली हैं। इसी क्रम में पुलिस अब सड़कों के गड्ढे भी भरेगी। इसके लिए यातायात निदेशालय की ओर से एक मशीन मंगाई जा रही है। यह मशीन महज तीन मिनट में गड्ढा भर देगी। पुलिस का दावा है कि इस मशीन से गड्ढे भरने में भी लागत लोक निर्माण विभाग के निर्धारित खर्च कम आएगा। इस मशीन के अलावा भी पुलिस ने कई उपकरणों की खरीद यातायात पुलिस के लिए गए हैं। इनमें कुछ क्रेन, इंटरसेप्टर, एल्कोमीटर आदि शामिल हैं।
सड़क दुर्घटनाओं में गड्ढे बड़ी वजह माने जाते हैं। कई जगह ये गड्ढे लंबे समय तक जस के तस रहते हैं और बढ़ते रहते हैं। ऐसा पीडब्ल्यूडी, जिला पंचायत, नगर निकाय आदि निर्माण करने वाले विभागों की देरी से होता है। इस बीच कई गंभीर दुर्घटनाएं इन गड्ढों के कारण हो जाती हैं। यातायात पुलिस की ओर से भी विभागों को कई बार पत्राचार करना पड़ता है।
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ऐसे में अब यातायात पुलिस ने ही इसका हल खोज निकाला है। यातायात निदेशक केवल खुराना ने बताया कि इसके लिए अब एक पोथहोल रिपेयरिंग मशीन (गड्ढा भरने की मशीन) खरीदी जा रही है। यह मशीन एक गड्ढे को भरने में केवल तीन मिनट का समय लेती है, जबकि गड्ढे को भरने का खर्च (डीजल, मैटेरियल और मजदूरी समेत) लगभग 500 रुपये आता है। इसे केवल एक व्यक्ति ही संचालित कर सकता है। ऐसे में बहुत ज्यादा मानव संसाधन की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि इस मशीन की कीमत 10 से 20 लाख रुपये के बीच है। इसके लिए कई कंपनियों से कुटेशन मंगाई गई हैं। जल्द ही इसकी खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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ये उपकरण भी खरीदे गए
- 12 क्रेन
- 06 इंटरसेप्टर
- 13 एल्कोमीटर
- 12 स्पीड गन
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डिवाइडर बनाने की मशीन खरीदने की तैयारी
यातायात पुलिस की ओर से अगले फेज में डिवाइडर बनाने की मशीन खरीदने की योजना बनाई जा रही है। यह मशीन चंद मिनटों में ही आरसीसी का डिवाइडर तैयार कर देगी। इसकी कीमत और काम को देखने के लिए अध्ययन किया जा रहा है। यदि यह मशीन भी यातायात पुलिस के बेड़े में शामिल हो जाती है तो डिवाइडर बनाने के लिए एमडीडीए या किसी दूसरे विभाग की आवश्यकता नहीं होगी।