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आईआईटी पहुंचने में उतराखंड के छात्र फिसड्डी
Updated Tue, 19 Dec 2017 02:13 AM IST
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आईआईटी पहुंचने में उत्तराखंड के छात्र फिसड्डी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
इंजीनियरिंग के मक्का भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में दाखिला लेने के मामले में उत्तराखंड फिसड्डी साबित हो रहा है। आईआईटी की जेईई रिपोर्ट 2016 में यह बात सामने आई है। इसके मुताबिक झारखंड, तेलंगाना जैसे छोटे राज्यों से इंजीनियरिंग के छात्र तेजी से आगे आ रहे हैं। बोर्ड के लिहाज से भी देखें तो दूसरे राज्यों के मुकाबले उत्तराखंड बोर्ड के छात्रों का आईआईटी प्रवेश परीक्षा में पास प्रतिशत काफी कम है।
आईआईटी में दाखिलों के लिए जेईई एडवांस परीक्षा हो या इसके बाद दाखिले। उत्तराखंड के छात्रों का प्रतिशत इसमें काफी कम है। देश में सबसे ज्यादा आईआईटीयन देने के मामले में जहां राजस्थान अव्वल है, वहीं सीबीएसई बोर्ड के छात्र सबसे ज्यादा आईआईटी में चुने जाते हैं। वहीं, सीबीएसई के बाद तेलंगाना बोर्ड के छात्र सबसे ज्यादा आईआईटी में दाखिल हुए। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) बोर्ड के छात्रों का आईआईटी में दाखिलों के मामले में छठा स्थान है।
आईआईटी में दाखिले वाले देश के शीर्ष-10 राज्य
राज्य चयनित छात्रों का प्रतिशत
राजस्थान 18.96
उत्तर प्रदेश 12.97
महाराष्ट्र 8.70
तेलंगाना 8.64
आंध्र प्रदेश 7.80
मध्य प्रदेश 7.40
बिहार 6.74
दिल्ली 4.56
झारखंड 3.91
हरियाणा 3.39
(उत्तराखंड के केवल 0.85 प्रतिशत छात्र सफल हुए)
आईआईटी में दाखिले वाले देश के शीर्ष-10 बोर्ड
बोर्ड दाखिल छात्रों का प्रतिशत
सीबीएसई 55.30
तेलंगाना बोर्ड 8.40
राजस्थान बोर्ड 7.26
आंध्र प्रदेश बोर्ड 7.02
महाराष्ट्र बोर्ड 6.77
सीआईएससीई बोर्ड 3.52
बिहार बोर्ड 2.54
मध्य प्रदेश बोर्ड 2.22
यूपी बोर्ड 1.61
पश्चिमी बंगाल बोर्ड 0.86
(उत्तराखंड स्टेट बोर्ड के दाखिल छात्रों का प्रतिशत केवल 0.06 प्रतिशत है। दाखिल छात्रों की संख्या छह है।)
तेलंगाना के हैदराबाद में जूनियर कॉलेज चलते हैं, जहां राज्य बोर्ड से 11वीं, 12वीं को मान्यता दी जाती है। उन कालेजों में कोचिंग पैटर्न पर शिक्षा दी जाती है। एक ट्रेंड बना रहता है। सीबीएसई देश का सबसे बड़ा बोर्ड है। इसकी पहुंच हर राज्य तक है। यूपी एक समय में नंबर एक पर होता था, लेकिन अब यूपी बोर्ड के बजाए छात्र सीबीएसई को प्राथमिकता देने लगे हैं। उत्तराखंड बोर्ड के छात्रों का पिछड़ना चिंता का विषय है।
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- डीके मिश्रा, निदेशक, अविरल क्लासेज
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
इंजीनियरिंग के मक्का भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में दाखिला लेने के मामले में उत्तराखंड फिसड्डी साबित हो रहा है। आईआईटी की जेईई रिपोर्ट 2016 में यह बात सामने आई है। इसके मुताबिक झारखंड, तेलंगाना जैसे छोटे राज्यों से इंजीनियरिंग के छात्र तेजी से आगे आ रहे हैं। बोर्ड के लिहाज से भी देखें तो दूसरे राज्यों के मुकाबले उत्तराखंड बोर्ड के छात्रों का आईआईटी प्रवेश परीक्षा में पास प्रतिशत काफी कम है।
आईआईटी में दाखिलों के लिए जेईई एडवांस परीक्षा हो या इसके बाद दाखिले। उत्तराखंड के छात्रों का प्रतिशत इसमें काफी कम है। देश में सबसे ज्यादा आईआईटीयन देने के मामले में जहां राजस्थान अव्वल है, वहीं सीबीएसई बोर्ड के छात्र सबसे ज्यादा आईआईटी में चुने जाते हैं। वहीं, सीबीएसई के बाद तेलंगाना बोर्ड के छात्र सबसे ज्यादा आईआईटी में दाखिल हुए। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) बोर्ड के छात्रों का आईआईटी में दाखिलों के मामले में छठा स्थान है।
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आईआईटी में दाखिले वाले देश के शीर्ष-10 राज्य
राज्य चयनित छात्रों का प्रतिशत
राजस्थान 18.96
उत्तर प्रदेश 12.97
महाराष्ट्र 8.70
तेलंगाना 8.64
आंध्र प्रदेश 7.80
मध्य प्रदेश 7.40
बिहार 6.74
दिल्ली 4.56
झारखंड 3.91
हरियाणा 3.39
(उत्तराखंड के केवल 0.85 प्रतिशत छात्र सफल हुए)
आईआईटी में दाखिले वाले देश के शीर्ष-10 बोर्ड
बोर्ड दाखिल छात्रों का प्रतिशत
सीबीएसई 55.30
तेलंगाना बोर्ड 8.40
राजस्थान बोर्ड 7.26
आंध्र प्रदेश बोर्ड 7.02
महाराष्ट्र बोर्ड 6.77
सीआईएससीई बोर्ड 3.52
बिहार बोर्ड 2.54
मध्य प्रदेश बोर्ड 2.22
यूपी बोर्ड 1.61
पश्चिमी बंगाल बोर्ड 0.86
(उत्तराखंड स्टेट बोर्ड के दाखिल छात्रों का प्रतिशत केवल 0.06 प्रतिशत है। दाखिल छात्रों की संख्या छह है।)
तेलंगाना के हैदराबाद में जूनियर कॉलेज चलते हैं, जहां राज्य बोर्ड से 11वीं, 12वीं को मान्यता दी जाती है। उन कालेजों में कोचिंग पैटर्न पर शिक्षा दी जाती है। एक ट्रेंड बना रहता है। सीबीएसई देश का सबसे बड़ा बोर्ड है। इसकी पहुंच हर राज्य तक है। यूपी एक समय में नंबर एक पर होता था, लेकिन अब यूपी बोर्ड के बजाए छात्र सीबीएसई को प्राथमिकता देने लगे हैं। उत्तराखंड बोर्ड के छात्रों का पिछड़ना चिंता का विषय है।
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- डीके मिश्रा, निदेशक, अविरल क्लासेज