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दून पुलिस है कि सुधरने का नाम नहीं लेती...
Updated Sat, 07 Jul 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
उच्चाधिकारियों की सख्ती और आदेश के बावजूद पुलिस फरियादियों को लौटाने एवं शिकायत को अपने हिसाब से दर्ज करने से बाज नहीं आ रही है। ताजा मामला रायपुर पुलिस थाने से संबंधित है। यहां पिछले दिनों एक दुकान में हुई लूटपाट और मारपीट की शिकायत को रिसीव तक नहीं किया गया। पुलिस ने अपने हिसाब से महज मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप में मुकदमा दर्ज कर शिकायत की इतिश्री कर डाली।
शुक्रवार को पीड़ित ने गढ़वाल रेंज के डीआईजी अजय रौतेला से मिलकर गुहार लगाई। पीड़ित परिवार की शिकायत पर डीआईजी ने एसएसपी देहरादून और रायपुर पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। रायपुर थाना क्षेत्र के लाडपुर में 27 जून को दिलीप सिंह की मोटरसाइकिल स्पेयर पार्ट्स की दुकान में कुछ लोगों ने तोड़फोड़ कर दिलीप के साथ मारपीट की थी।
दिलीप की पत्नी यशोदा ने गल्ले से पैसे निकालने और दिलीप को गंभीर चोट पहुंचाने संबंधी शिकायत थाने में की थी। आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने जांच के बहाने पहले तो पीड़ित को तीन दिनों तक टरकाया। यशोदा का कहना है कि पुलिस ने उनकी शिकायत को एक तरफ रख दिया और फिर एक अन्य व्यक्ति से अपने हिसाब से तहरीर लिखवाई। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा मारपीट और तोड़फोड़ की धाराओं में दर्ज किया।
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एडीजी के आदेश की भी परवाह नहीं
पिछले दिनों एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने पुलिस थानों से फरियादियों को लौटाए जाने संबंधी मामलों का संज्ञान लिया था। इस पर उन्होंने पुलिस के लिए शिकायतों को अनिवार्य रूप से रिसीव करने का सर्कुलर जारी किया था। हालांकि, एडीजी के इन आदेशों का भी पुलिस पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। आदेश के बाद देहरादून में ही थानों से फरियादियों को लौटाने या हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के मामले सामने आ चुके हैं।
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कार्रवाई से सबक लेने को तैयार नहीं
पिछले दिनों खुड़बुड़ा चौकी के सिपाही ने गंभीर रूप से घायल युवक की तहरीर पर सामान्य मारपीट का मुकदमा दर्ज किया था। जबकि, युवक के सिर पर 35 टांके आए थे। मामले में उस युवक ने जान से मारने की नियत से हमला करने संबंधी तहरीर पुलिस को दी थी, मगर चौकी के मुंशी (सिपाही) ने अपने हिसाब से मुकदमा दर्ज कर लिया। इस पर एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने संज्ञान लेते हुए उक्त सिपाही को निलंबित करने के आदेश दिए थे।
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मेरे पास पीड़ित परिवार पहुंचा था। उनकी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसएसपी देहरादून और रायपुर पुलिस को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
-अजय रौतेला, डीआईजी गढ़वाल रेंज
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उच्चाधिकारियों की सख्ती और आदेश के बावजूद पुलिस फरियादियों को लौटाने एवं शिकायत को अपने हिसाब से दर्ज करने से बाज नहीं आ रही है। ताजा मामला रायपुर पुलिस थाने से संबंधित है। यहां पिछले दिनों एक दुकान में हुई लूटपाट और मारपीट की शिकायत को रिसीव तक नहीं किया गया। पुलिस ने अपने हिसाब से महज मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप में मुकदमा दर्ज कर शिकायत की इतिश्री कर डाली।
शुक्रवार को पीड़ित ने गढ़वाल रेंज के डीआईजी अजय रौतेला से मिलकर गुहार लगाई। पीड़ित परिवार की शिकायत पर डीआईजी ने एसएसपी देहरादून और रायपुर पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। रायपुर थाना क्षेत्र के लाडपुर में 27 जून को दिलीप सिंह की मोटरसाइकिल स्पेयर पार्ट्स की दुकान में कुछ लोगों ने तोड़फोड़ कर दिलीप के साथ मारपीट की थी।
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दिलीप की पत्नी यशोदा ने गल्ले से पैसे निकालने और दिलीप को गंभीर चोट पहुंचाने संबंधी शिकायत थाने में की थी। आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने जांच के बहाने पहले तो पीड़ित को तीन दिनों तक टरकाया। यशोदा का कहना है कि पुलिस ने उनकी शिकायत को एक तरफ रख दिया और फिर एक अन्य व्यक्ति से अपने हिसाब से तहरीर लिखवाई। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा मारपीट और तोड़फोड़ की धाराओं में दर्ज किया।
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एडीजी के आदेश की भी परवाह नहीं
पिछले दिनों एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने पुलिस थानों से फरियादियों को लौटाए जाने संबंधी मामलों का संज्ञान लिया था। इस पर उन्होंने पुलिस के लिए शिकायतों को अनिवार्य रूप से रिसीव करने का सर्कुलर जारी किया था। हालांकि, एडीजी के इन आदेशों का भी पुलिस पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। आदेश के बाद देहरादून में ही थानों से फरियादियों को लौटाने या हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के मामले सामने आ चुके हैं।
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कार्रवाई से सबक लेने को तैयार नहीं
पिछले दिनों खुड़बुड़ा चौकी के सिपाही ने गंभीर रूप से घायल युवक की तहरीर पर सामान्य मारपीट का मुकदमा दर्ज किया था। जबकि, युवक के सिर पर 35 टांके आए थे। मामले में उस युवक ने जान से मारने की नियत से हमला करने संबंधी तहरीर पुलिस को दी थी, मगर चौकी के मुंशी (सिपाही) ने अपने हिसाब से मुकदमा दर्ज कर लिया। इस पर एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने संज्ञान लेते हुए उक्त सिपाही को निलंबित करने के आदेश दिए थे।
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मेरे पास पीड़ित परिवार पहुंचा था। उनकी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसएसपी देहरादून और रायपुर पुलिस को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
-अजय रौतेला, डीआईजी गढ़वाल रेंज