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नशा मुक्ति केंद्र के 14 रोगी पकड़ से बाहर

Fri, 28 Dec 2018 01:39 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 28 Dec 2018 01:39 AM IST
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नशा मुक्ति केंद्र के 14 रोगी पकड़ से बाहर
ब्यूरो/अमर उजाला।
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देहरादून। नशा मुक्ति केंद्र से फरार रोगियों में 14 अब भी पकड़ से बाहर हैं। पुलिस को सूचना मिल रही है कि इनमें से कुछ रोगी अपने घर पहुंच गए हैं। इनकी तलाश में फिलहाल पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। इधर, बृहस्पतिवार को नशा मुक्ति केंद्र के निदेशक ने माना कि उनके यहां क्षमता से अधिक रोगी हैं, लेकिन उन्होंने अन्य आरोपों को गलत ठहराया। साथ ही कहा कि वे नशा मुक्ति केंद्र को और बेहतर बनाने के प्रयास कर रहे हैं।
गौरतलब है कि मंगलवार रात करीब पौने आठ बजे जागृति फाउंडेशन (नशा मुक्ति केंद्र) से 43 रोगी ताला तोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस को जैसे ही इसकी सूचना मिली तो कुछ देर बाद आठ रोगियों को कैंट क्षेत्र के जंगल से पकड़ लिया गया था। बुधवार शाम तक पुलिस ने 25 रोगियों को पकड़कर नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करा दिया था। जबकि, चार खुद ही केंद्र में वापस आ गए थे। थानाध्यक्ष राजपुर अरविंद कुमार ने बताया कि 14 रोगी अब भी पकड़ से बाहर हैं। जांच में पता चला है कि इनमें से कुछ अपने अपने घर चले गए हैं, जबकि कई रोगियों का पता नहीं चल पाया है। चूंकि, इस नशा मुक्ति केंद्र के खिलाफ आई शिकायतों के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने इसकी जांच शुरू की। सिटी मजिस्ट्रेट मनुज गोयल ने बताया था कि यहां क्षमता से अधिक रोगी थे, इस पर उन्होंने परिजनों को बुलाकर 20 रोगियों को उनके साथ भेज दिया था। इसके अलावा नशा मुक्ति केंद्र पर कई आरोप लगाए गए थे।
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इस मामले में बृहस्पतिवार को जागृति फाउंडेशन के निदेशक प्रीत मोहन सिंह कोहली घटना के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए। उन्होंने पूरे प्रकरण पर सफाई देते हुए कहा कि वर्तमान में उनके नशा मुक्ति केंद्र में चिकित्सकों का पैनल, डाइट चार्ट आदि सभी मौजूद हैं। नियमों के अनुसार काम किया जा रहा है। फाउंडेशन पंजीकृत भी है। इसके अलावा भी इसकी बेहतरी के लिए कई काम किए जा रहे हैं। हालांकि, कोहली ने माना कि उनके यहां क्षमता से अधिक रोगी भर्ती हैं। इसका भी हल निकाला जा रहा है। अभी इमारत किराए पर है। जल्द ही नई जगह पर इमारत बनाई जाएगी। उसके बाद जगह की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।
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