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पति ने नोटिस भेजकर दिया तलाक
Updated Wed, 01 Aug 2018 02:28 AM IST
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पति ने नोटिस भेजकर दिया तलाक
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पति की बेरुखी और तलाक दिए जाने पर महिला ने पुलिस की शरण ली है। महिला को उसके पति ने नोटिस के जरिये तलाक भेजा है। महिला ने मामले की शिकायत एसएसपी शिकायत प्रकोष्ठ में की है। महिला तलाक को निराधार बता रही है। महिला के अनुसार उसने निकाह के लिए एमबीबीएस की पढ़ाई भी छोड़ दी थी। इसके बावजूद पति ने निकाह के 16 साल बाद तलाक देकर उसे दर-दर भटकने को मजबूर कर दिया है।
डोईवाला निवासी शगुफ्ता का कहना है कि उसका निकाह सन 2002 में भुड्डी गांव निवासी अमीर अहमद के साथ हुआ था। अमीर मर्चेंट नेवी में जहाज पर कप्तान है। निकाह से पहले उसने वादा किया था कि वह उसकी बीच में छोड़ी हुई एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करा देगा, मगर उसने ऐसा नहीं किया और निकाह के कुछ दिनों बाद ही मारपीट शुरू कर दी। जैसे-तैसे वह जुल्मों को सहती रही और 16 साल गुजार दिए।
गत मार्च में उसे पता चला कि अमीर दूसरा निकाह करना चाहता है। इसलिए अमीर ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। पिछले दिनों उसने शुगफ्ता के चरित्र पर भी सवाल उठाए। शगुफ्ता के अनुसार अमीर ने 15 जुलाई को नोटिस के जरिये तलाक दिया है।
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नोटिस में लिखा है कि उसने दो गवाहों के समक्ष शगुफ्ता को तलाक दिया है और निकाह के वक्त तय किया गया हक मेहर भी अदा कर दिया है। शगुफ्ता ने बताया कि उसे कोई तलाक नहीं दिया है, बल्कि वह यह सब उसे छोड़ने के लिए कर रहा है। 21 जुलाई को दोनों पक्षों में समझौते के लिए बैठक भी हुई लेकिन उस दिन उसके पति ने 100 नंबर पर फोन करके पुलिस बुला ली। इससे कोई समझौता नहीं हो सका। अब उसको जो नोटिस मिला है उसमें तलाक की एकतरफा बात लिखी है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पति की बेरुखी और तलाक दिए जाने पर महिला ने पुलिस की शरण ली है। महिला को उसके पति ने नोटिस के जरिये तलाक भेजा है। महिला ने मामले की शिकायत एसएसपी शिकायत प्रकोष्ठ में की है। महिला तलाक को निराधार बता रही है। महिला के अनुसार उसने निकाह के लिए एमबीबीएस की पढ़ाई भी छोड़ दी थी। इसके बावजूद पति ने निकाह के 16 साल बाद तलाक देकर उसे दर-दर भटकने को मजबूर कर दिया है।
डोईवाला निवासी शगुफ्ता का कहना है कि उसका निकाह सन 2002 में भुड्डी गांव निवासी अमीर अहमद के साथ हुआ था। अमीर मर्चेंट नेवी में जहाज पर कप्तान है। निकाह से पहले उसने वादा किया था कि वह उसकी बीच में छोड़ी हुई एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करा देगा, मगर उसने ऐसा नहीं किया और निकाह के कुछ दिनों बाद ही मारपीट शुरू कर दी। जैसे-तैसे वह जुल्मों को सहती रही और 16 साल गुजार दिए।
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गत मार्च में उसे पता चला कि अमीर दूसरा निकाह करना चाहता है। इसलिए अमीर ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। पिछले दिनों उसने शुगफ्ता के चरित्र पर भी सवाल उठाए। शगुफ्ता के अनुसार अमीर ने 15 जुलाई को नोटिस के जरिये तलाक दिया है।
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नोटिस में लिखा है कि उसने दो गवाहों के समक्ष शगुफ्ता को तलाक दिया है और निकाह के वक्त तय किया गया हक मेहर भी अदा कर दिया है। शगुफ्ता ने बताया कि उसे कोई तलाक नहीं दिया है, बल्कि वह यह सब उसे छोड़ने के लिए कर रहा है। 21 जुलाई को दोनों पक्षों में समझौते के लिए बैठक भी हुई लेकिन उस दिन उसके पति ने 100 नंबर पर फोन करके पुलिस बुला ली। इससे कोई समझौता नहीं हो सका। अब उसको जो नोटिस मिला है उसमें तलाक की एकतरफा बात लिखी है।