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सिम्युलेटर एक, आवेदक 100, कैसे आएगा नंबर
Updated Wed, 27 Dec 2017 01:53 AM IST
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सिम्युलेटर एक, आवेदक 100, कैसे आएगा नंबर
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और नवीनीकरण करवाने आने वाले लोगों को केवल एक सिम्युलेटर होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घंटों इंतजार के बाद भी आवेदकों का नंबर न आने से उनको बैरंग लौटना पड़ रहा है। लोगों की शिकायतों के बाद टेस्ट पांच बजे तक लिए जाने की व्यवस्था की गई, लेकिन इससे भी परेशानी का हल नहीं निकला। आरटीओ ने दूसरे सिम्युलेटर के लिए मुख्यालय आवेदन भी भेजा, लेकिन दो माह बीतने के बाद भी प्रस्ताव मुख्यालय में धूल फांक रहा है।
आरटीओ में नया लाइसेंस बनाने और पुराना नवीनीकरण कराने के लिए सिम्युलेटर टेस्ट की अनिवार्यता की गई है। आरटीओ देहरादून में एक सिम्युलेटर मशीन लगी है। आरटीओ में रोजाना 90 से 100 लोग टेस्ट देने के लिए पहुंचते है, लेकिन एक मशीन होने के कारण लोगों का घंटों लाइन में लगने के बाद भी नंबर नहीं आ पाता। लोगों की शिकायतों को देखते हुए आरटीओ सुधांशु गर्ग ने दोपहर दो बजे तक काउंटर खुलने का समय बढ़ाकर शाम पांच बजे तक किया था।
एक घंटे में होते है छह टेस्ट
काउंटर के बाहर सुबह नौ बजे से ही आवेदकों की लाइन लगनी शुरू हो जाती है। सिम्युलेटर मशीन में बैठने से लेकर उठने तक औसतन एक आवेदक को सात मिनट का समय दिया जाता है। टेस्ट रिजल्ट का प्रिंट आने तक पूरी प्रक्रिया में करीब 10 मिनट का समय लग जाता है। इस लिहाज से एक घंटे में छह आवेदक ही सिम्युलेटर टेस्ट मशीन में बैठ पाते हैं। आवेदकों को घंटों लाइन में लगकर सिम्युलेटर ड्राइव टेस्ट के लिए इंतजार करना पड़ता है।
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सिम्युलेटर टेस्ट ड्राइव मशीन पर दबाव अधिक है। एक अतिरिक्त सिम्युलेटर का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। जल्द ही दूसरी सिम्युलेटर मशीन आने से आवेदकों को काफी राहत मिल जाएगी।
- सुधांशु गर्ग, आरटीओ
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और नवीनीकरण करवाने आने वाले लोगों को केवल एक सिम्युलेटर होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घंटों इंतजार के बाद भी आवेदकों का नंबर न आने से उनको बैरंग लौटना पड़ रहा है। लोगों की शिकायतों के बाद टेस्ट पांच बजे तक लिए जाने की व्यवस्था की गई, लेकिन इससे भी परेशानी का हल नहीं निकला। आरटीओ ने दूसरे सिम्युलेटर के लिए मुख्यालय आवेदन भी भेजा, लेकिन दो माह बीतने के बाद भी प्रस्ताव मुख्यालय में धूल फांक रहा है।
आरटीओ में नया लाइसेंस बनाने और पुराना नवीनीकरण कराने के लिए सिम्युलेटर टेस्ट की अनिवार्यता की गई है। आरटीओ देहरादून में एक सिम्युलेटर मशीन लगी है। आरटीओ में रोजाना 90 से 100 लोग टेस्ट देने के लिए पहुंचते है, लेकिन एक मशीन होने के कारण लोगों का घंटों लाइन में लगने के बाद भी नंबर नहीं आ पाता। लोगों की शिकायतों को देखते हुए आरटीओ सुधांशु गर्ग ने दोपहर दो बजे तक काउंटर खुलने का समय बढ़ाकर शाम पांच बजे तक किया था।
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एक घंटे में होते है छह टेस्ट
काउंटर के बाहर सुबह नौ बजे से ही आवेदकों की लाइन लगनी शुरू हो जाती है। सिम्युलेटर मशीन में बैठने से लेकर उठने तक औसतन एक आवेदक को सात मिनट का समय दिया जाता है। टेस्ट रिजल्ट का प्रिंट आने तक पूरी प्रक्रिया में करीब 10 मिनट का समय लग जाता है। इस लिहाज से एक घंटे में छह आवेदक ही सिम्युलेटर टेस्ट मशीन में बैठ पाते हैं। आवेदकों को घंटों लाइन में लगकर सिम्युलेटर ड्राइव टेस्ट के लिए इंतजार करना पड़ता है।
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सिम्युलेटर टेस्ट ड्राइव मशीन पर दबाव अधिक है। एक अतिरिक्त सिम्युलेटर का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। जल्द ही दूसरी सिम्युलेटर मशीन आने से आवेदकों को काफी राहत मिल जाएगी।
- सुधांशु गर्ग, आरटीओ