फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   सचिन के खिलाफ मुकदमे में एसआईटी जांच के आदेश

सचिन के खिलाफ मुकदमे में एसआईटी जांच के आदेश

Fri, 14 Jun 2019 01:28 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jun 2019 01:28 AM IST
विज्ञापन
सचिन के खिलाफ मुकदमे में एसआईटी जांच के आदेश
त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

देहरादून। कांग्रेस नेता के भाई सचिन उपाध्याय के खिलाफ धोखाधड़ी के मुकदमे में अब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। उपाध्याय के खिलाफ यह मुकदमा फरवरी 2017 में दर्ज हुआ था, जिसमें राजपुर थाना पुलिस ने आठ माह बाद फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। पिछले दिनों न्यायालय ने भी इस अंतिम रिपोर्ट को निरस्त करते हुए दोबारा जांच के आदेश दिए थे।

विज्ञापन

घटनाक्रम के अनुसार नोएडा निवासी मुकेश जोशी ने 14 फरवरी 2017 को राजपुर थाने में शिकायत की थी। मुकेश ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने वर्ष 2012 में सचिन उपाध्याय के खिलाफ दिल्ली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि सचिन ने उनकी संपत्ति को फर्जी हस्ताक्षर कर खुर्द-बुर्द कर दिया है। मुकदमा दर्ज हुआ तो सचिन उपाध्याय ने समझौते के लिए कहा, जिसमें सचिन ने फर्जी हस्ताक्षर वाली बात कबूल की और मुकेश जोशी को 26 लाख 50 हजार रुपये देने पर हामी भरी। सचिन ने रकम अदायगी तक मुकेश के पास देहरादून स्थित अपनी एक संपत्ति को भी गिरवी रखा। इसके कुछ दिनों बाद पता चला कि सचिन यह संपत्ति पहले ही बैंक में बंधक रख चुका है। मुकेश ने सचिन से बात की तो उसने पैसे देने से इनकार कर दिया। इस शिकायत के बाद राजपुर पुलिस ने सचिन के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, गाली गलौच और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया।
विज्ञापन

पुलिस ने जांच शुरू की और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने 10 दिसंबर 2017 को यह कहते हुए इस मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी कि वादी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। यह भी कहा कि वादी मामले में रुचि नहीं ले रहा है। इस अंतिम रिपोर्ट को चुनौती देते हुए मुकेश जोशी ने अदालत में याचिका दायर की। इस पर गत 27 अप्रैल को अपर मुख्य दंडाधिकारी तृतीय विभा यादव की अदालत ने अंतिम रिपोर्ट को निरस्त कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद वादी मुकेश जोशी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मुकेश जोशी के प्रार्थनापत्र पर ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने इस मुकदमे को गंभीर प्रकृति का करार देते हुए एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि अभी पुलिस मुख्यालय की ओर से एसआईटी गठित नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि जल्द इसमें एसआईटी का गठन कर जांच शुरू की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed