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खेरवा गांव से बरामद कैल के 115 स्लीपर
Updated Thu, 22 Nov 2018 01:39 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, कालसी/विकासनगर
वन विभाग की टीम ने खेरवा गांव से प्रतिबंधित प्रजाति कैल के 115 स्लीपर बरामद किए हैं। स्लीपरों को गांव में वीरान जगह पर बने एक टीन शेड के नीचे छिपा कर रखा गया था। टीम ने स्लीपरों को अपने कब्जे में ले लिया है।
बरामद स्लीपरों की कीमत करीब 2.50 लाख रुपये आंकी जा रही है। टीम ने बरामद लकड़ी को रीवर रेंज कार्यालय लाकर सीज किया। दो दिन पूर्व वन विभाग को क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की सूचना मिली थी। इस पर टीम ने लकड़ी की तलाश में जगह-जगह छापेमारी अभियान चलाया। बुधवार को छापेमारी में खेरवा गांव में एक टीन शेड के नीचे घास-फूस के बीच छिपी कैल की लकड़ी बरामद हुई। रेंजाधिकारी बीडी सकलानी ने बताया कि लकड़ी को कहां से लाया गया, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। टीन शेड किसका है और लकड़ी को किसने यहां रखा इस संबंध में आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। टीम में वन दरोगा हरपाल सिंह नेगी, देवेंद्र मिश्रा, किशन नेगी, मेहरबान सिंह बिष्ट, तरुण शर्मा शामिल रहे।
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वन विभाग की टीम ने खेरवा गांव से प्रतिबंधित प्रजाति कैल के 115 स्लीपर बरामद किए हैं। स्लीपरों को गांव में वीरान जगह पर बने एक टीन शेड के नीचे छिपा कर रखा गया था। टीम ने स्लीपरों को अपने कब्जे में ले लिया है।
बरामद स्लीपरों की कीमत करीब 2.50 लाख रुपये आंकी जा रही है। टीम ने बरामद लकड़ी को रीवर रेंज कार्यालय लाकर सीज किया। दो दिन पूर्व वन विभाग को क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की सूचना मिली थी। इस पर टीम ने लकड़ी की तलाश में जगह-जगह छापेमारी अभियान चलाया। बुधवार को छापेमारी में खेरवा गांव में एक टीन शेड के नीचे घास-फूस के बीच छिपी कैल की लकड़ी बरामद हुई। रेंजाधिकारी बीडी सकलानी ने बताया कि लकड़ी को कहां से लाया गया, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। टीन शेड किसका है और लकड़ी को किसने यहां रखा इस संबंध में आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। टीम में वन दरोगा हरपाल सिंह नेगी, देवेंद्र मिश्रा, किशन नेगी, मेहरबान सिंह बिष्ट, तरुण शर्मा शामिल रहे।
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