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दाखिला नहीं मिलने पर छात्रा ने प्राचार्य कक्ष में पिया जहर
Updated Sat, 01 Sep 2018 01:48 AM IST
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दाखिला नहीं मिलने पर छात्रा ने प्राचार्य कक्ष में पिया जहर
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
विकासनगर। एक महाविद्यालय में प्रवेश नहीं मिलने पर आर्यन छात्र संगठन से जुड़ी एक छात्रा ने शुक्रवार को खुद को प्राचार्य कक्ष के रेस्ट रूम में बंद कर जहरीला पदार्थ पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विकासनगर में भर्ती कराया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद से कॉलेज में तनाव की स्थिति है। इसके चलते कॉलेज परिसर में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार आर्यन संगठन से जुड़ी एक छात्रा लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव की तैयारियों में जुटी है। हाल ही में उसने बीए तृतीय वर्ष उत्तीर्ण किया है, लेकिन बीए प्रथम वर्ष के प्रयोगात्मक नंबर न जुड़ने के कारण उसका रिजल्ट यूनिवर्सिटी ने रोक लिया है। हालांकि नंबर जुड़ने के बाद बीते बृहस्पतिवार शाम रिजल्ट जारी कर दिया गया। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रा बीते बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे प्राचार्य के पास स्नातकोत्तर कक्षा में प्रवेश के लिए पहुंची थी। जहां प्राचार्य ने प्रवेश प्रक्रिया समाप्त होने की बात कही और प्रवेश देने में असमर्थता जताई। उस वक्त छात्रा वहां से चली गई, लेकिन शुक्रवार सुबह 10 बजे छात्रा दोबारा प्राचार्य से मिलने पहुंची। इस बार भी प्राचार्य ने नियमों का हवाला देकर प्रवेश देने से इनकार कर दिया। इसके बाद छात्रा मायूस होकर प्राचार्य कक्ष में बने रेस्ट रूम में घुस गई। जहां उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया। कॉलेज कर्मचारियों ने छात्रा से कक्ष से बाहर आने के लिए कहा, लेकिन उसने प्रवेश न मिलने तक बाहर नहीं आने और जहर खाकर जान देने की बात कही। बताया गया कि छात्रा अपने साथ ही जहरीले पदार्थ की शीशी भी लाई थी। यह देख कॉलेज प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। छात्रा के खुद को कमरे में बंद करने की खबर मिलते ही आर्यन छात्र संगठन से जुड़े कई छात्रनेता भी कॉलेज पहुंच गए। इस दौरान छात्रा को प्रवेश नहीं देने के मुद्दे पर कॉलेज प्रबंधन से तीखी नोक झोंक भी हुई। इसी बीच छात्रा के बाहर नहीं निकलने पर कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर छात्रा को बाहर निकालने का प्रयास किया तो उसने जहर पी लिया। इसके बाद गंभीर हालत में छात्रा को निजी वाहन से सीएचसी में पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। इसके बाद छात्रा को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
प्रवेश को लेकर पहले भी हुआ था हंगामा
छात्रसंघ चुनाव को देखते हुए बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया समाप्त कर दी गई थी। ऐसे में शाम करीब छह बजे रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रा संगठन के कुछ पदाधिकारियों के साथ प्राचार्य के पास प्रवेश संबंधी मांग को लेकर पहुंची थी। जहां प्राचार्य ने उसे प्रवेश देने से मना कर दिया। इसके बाद आर्यन छात्र संगठन से जुड़े छात्र नेताओं ने कॉलेज परिसर में हंगामा किया था। सूचना मिलने पर एबीवीपी के नेता भी कॉलेज में पहुंच गए थे। जहां वे छात्रा को प्रवेश नहीं देने की मांग पर अड़े हुए थे। उस वक्त मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को कॉलेज परिसर से बाहर कर दिया था। आर्यन संगठन से जुड़े छात्रों का आरोप था कि कॉलेज प्रशासन की हीलाहवाली के चलते छात्रा के प्रवेश में देरी हुई। कॉलेज प्रशासन ने समय पर छात्रा के प्रथम सेमेस्टर के प्रयोगात्मक नंबर यूनिवर्सिटी में नहीं भेजे गए। इसके चलते रिजल्ट रोक लिया गया था। ऐसे में अब कॉलेज प्रशासन को अपनी गलती सुधारते हुए प्रवेश देना चाहिए। वहीं कॉलेज प्राचार्य के अनुसार मामले की जानकारी शासन-प्रशासन को दे दी गई है। कुछ छात्र कॉलेज का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हंगामे को देखते हुए कॉलेज परिसर में भारी पुलिस बल की डिमांड की गई है। जल्द ही मामले में एक्शन भी लिया जाएगा।
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
विकासनगर। एक महाविद्यालय में प्रवेश नहीं मिलने पर आर्यन छात्र संगठन से जुड़ी एक छात्रा ने शुक्रवार को खुद को प्राचार्य कक्ष के रेस्ट रूम में बंद कर जहरीला पदार्थ पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विकासनगर में भर्ती कराया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद से कॉलेज में तनाव की स्थिति है। इसके चलते कॉलेज परिसर में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार आर्यन संगठन से जुड़ी एक छात्रा लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव की तैयारियों में जुटी है। हाल ही में उसने बीए तृतीय वर्ष उत्तीर्ण किया है, लेकिन बीए प्रथम वर्ष के प्रयोगात्मक नंबर न जुड़ने के कारण उसका रिजल्ट यूनिवर्सिटी ने रोक लिया है। हालांकि नंबर जुड़ने के बाद बीते बृहस्पतिवार शाम रिजल्ट जारी कर दिया गया। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रा बीते बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे प्राचार्य के पास स्नातकोत्तर कक्षा में प्रवेश के लिए पहुंची थी। जहां प्राचार्य ने प्रवेश प्रक्रिया समाप्त होने की बात कही और प्रवेश देने में असमर्थता जताई। उस वक्त छात्रा वहां से चली गई, लेकिन शुक्रवार सुबह 10 बजे छात्रा दोबारा प्राचार्य से मिलने पहुंची। इस बार भी प्राचार्य ने नियमों का हवाला देकर प्रवेश देने से इनकार कर दिया। इसके बाद छात्रा मायूस होकर प्राचार्य कक्ष में बने रेस्ट रूम में घुस गई। जहां उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया। कॉलेज कर्मचारियों ने छात्रा से कक्ष से बाहर आने के लिए कहा, लेकिन उसने प्रवेश न मिलने तक बाहर नहीं आने और जहर खाकर जान देने की बात कही। बताया गया कि छात्रा अपने साथ ही जहरीले पदार्थ की शीशी भी लाई थी। यह देख कॉलेज प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। छात्रा के खुद को कमरे में बंद करने की खबर मिलते ही आर्यन छात्र संगठन से जुड़े कई छात्रनेता भी कॉलेज पहुंच गए। इस दौरान छात्रा को प्रवेश नहीं देने के मुद्दे पर कॉलेज प्रबंधन से तीखी नोक झोंक भी हुई। इसी बीच छात्रा के बाहर नहीं निकलने पर कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर छात्रा को बाहर निकालने का प्रयास किया तो उसने जहर पी लिया। इसके बाद गंभीर हालत में छात्रा को निजी वाहन से सीएचसी में पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। इसके बाद छात्रा को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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प्रवेश को लेकर पहले भी हुआ था हंगामा
छात्रसंघ चुनाव को देखते हुए बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया समाप्त कर दी गई थी। ऐसे में शाम करीब छह बजे रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रा संगठन के कुछ पदाधिकारियों के साथ प्राचार्य के पास प्रवेश संबंधी मांग को लेकर पहुंची थी। जहां प्राचार्य ने उसे प्रवेश देने से मना कर दिया। इसके बाद आर्यन छात्र संगठन से जुड़े छात्र नेताओं ने कॉलेज परिसर में हंगामा किया था। सूचना मिलने पर एबीवीपी के नेता भी कॉलेज में पहुंच गए थे। जहां वे छात्रा को प्रवेश नहीं देने की मांग पर अड़े हुए थे। उस वक्त मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को कॉलेज परिसर से बाहर कर दिया था। आर्यन संगठन से जुड़े छात्रों का आरोप था कि कॉलेज प्रशासन की हीलाहवाली के चलते छात्रा के प्रवेश में देरी हुई। कॉलेज प्रशासन ने समय पर छात्रा के प्रथम सेमेस्टर के प्रयोगात्मक नंबर यूनिवर्सिटी में नहीं भेजे गए। इसके चलते रिजल्ट रोक लिया गया था। ऐसे में अब कॉलेज प्रशासन को अपनी गलती सुधारते हुए प्रवेश देना चाहिए। वहीं कॉलेज प्राचार्य के अनुसार मामले की जानकारी शासन-प्रशासन को दे दी गई है। कुछ छात्र कॉलेज का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हंगामे को देखते हुए कॉलेज परिसर में भारी पुलिस बल की डिमांड की गई है। जल्द ही मामले में एक्शन भी लिया जाएगा।
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