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नहीं लिया सबक, 26 की जगह बैठाई 37 सवारियां
Updated Wed, 04 Jul 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
धुमाकोट बस हादसे के बाद भी जिम्मेदार महकमों के अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया है। मंगलवार को निजी कंपनी की एक ओवरलोड बस टिहरी जिले के लंबगांव से ढालवाला तक पहुंच गई, लेकिन इस बीच न पुलिस और न ही संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों की नजर बस पर पड़ी। शाम करीब चार बजे सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. अनीता चमोला ने ढालवाला के समीप गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन चेकिंग के दौरान निजी परिवहन कंपनी की एक बस को रोका। जांच में 26 सीटर बस में 37 यात्री सवार मिले।
यही नहीं बस में 37 की बजाए टिकट भी सिर्फ 16 सवारियों के ही बने मिले। एआरटीओ ने बस के परमिट और लाइसेंस के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर उन्हें जब्त कर लिया। खासबात यह है कि लंबगांव से ढालवाला तक हाईवे पर जिले के कई पुलिस थाने, चौकियां और संभागीय परिवहन विभाग के चेकपोस्ट स्थापित हैं। बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की नजर ओवरलोड बस पर नहीं पड़ी। जबकि सरकार की ओर से लगातार सिस्टम को सुधारने का दावा किया जा रहा है।
एआरटीओ ने बस को नहीं किया सीज
ओवरलोडिंग में निजी परिवहन कंपनी की बस पकड़ने के बावजूद एआरटीओ ने उसे सीज नहीं किया है। एआरटीओ डॉ. अनीता चमोला ने तर्क दिया कि बस में सवारियां थी। लिहाजा उनकी परेशानी के मद्देनजर बस को सीज करने की कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि बस का परमिट और चालक का लाइसेंस जब्त कर लिया है, जिसके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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32 के चालान, पांच वाहन सीज
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर एआरटीओ डॉ. अनीता चमोला ने मंगलवार को गंगोत्री राजमार्ग पर ढालवाला के समीप वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने नियमों की अनदेखी करने पर पांच वाहनों को सीज किया। जबकि 32 वाहनों के चालान किए गए। एआरटीओ ने बताया कि सीज वाहनों में मैक्सी वाहन, यूटिलिटी, ट्रक और दो टैक्सी शामिल हैं।
सवाल पर बौखलाए प्रभारी एआरटीओ
टिहरी जिले में वाहनों में ओवरलोडिंग और चेकिंग अभियान के बाबत जानकारी लेने पर प्रभारी एआरटीओ ज्योति शंकर मिश्रा बौखला गए। उन्होंने उल्टा सवाल दागा कि टिहरी जिले में कितने किलोमीटर सड़क है। विभाग के पास जनपद में कितना मैनपावर है। वह बोले, अधिकारियों की मीटिंग के साथ ही ऑफिस का काम भी होता है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि हवाबाजी से कुछ नहीं होता।
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धुमाकोट बस हादसे के बाद भी जिम्मेदार महकमों के अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया है। मंगलवार को निजी कंपनी की एक ओवरलोड बस टिहरी जिले के लंबगांव से ढालवाला तक पहुंच गई, लेकिन इस बीच न पुलिस और न ही संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों की नजर बस पर पड़ी। शाम करीब चार बजे सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. अनीता चमोला ने ढालवाला के समीप गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन चेकिंग के दौरान निजी परिवहन कंपनी की एक बस को रोका। जांच में 26 सीटर बस में 37 यात्री सवार मिले।
यही नहीं बस में 37 की बजाए टिकट भी सिर्फ 16 सवारियों के ही बने मिले। एआरटीओ ने बस के परमिट और लाइसेंस के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर उन्हें जब्त कर लिया। खासबात यह है कि लंबगांव से ढालवाला तक हाईवे पर जिले के कई पुलिस थाने, चौकियां और संभागीय परिवहन विभाग के चेकपोस्ट स्थापित हैं। बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की नजर ओवरलोड बस पर नहीं पड़ी। जबकि सरकार की ओर से लगातार सिस्टम को सुधारने का दावा किया जा रहा है।
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एआरटीओ ने बस को नहीं किया सीज
ओवरलोडिंग में निजी परिवहन कंपनी की बस पकड़ने के बावजूद एआरटीओ ने उसे सीज नहीं किया है। एआरटीओ डॉ. अनीता चमोला ने तर्क दिया कि बस में सवारियां थी। लिहाजा उनकी परेशानी के मद्देनजर बस को सीज करने की कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि बस का परमिट और चालक का लाइसेंस जब्त कर लिया है, जिसके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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32 के चालान, पांच वाहन सीज
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर एआरटीओ डॉ. अनीता चमोला ने मंगलवार को गंगोत्री राजमार्ग पर ढालवाला के समीप वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने नियमों की अनदेखी करने पर पांच वाहनों को सीज किया। जबकि 32 वाहनों के चालान किए गए। एआरटीओ ने बताया कि सीज वाहनों में मैक्सी वाहन, यूटिलिटी, ट्रक और दो टैक्सी शामिल हैं।
सवाल पर बौखलाए प्रभारी एआरटीओ
टिहरी जिले में वाहनों में ओवरलोडिंग और चेकिंग अभियान के बाबत जानकारी लेने पर प्रभारी एआरटीओ ज्योति शंकर मिश्रा बौखला गए। उन्होंने उल्टा सवाल दागा कि टिहरी जिले में कितने किलोमीटर सड़क है। विभाग के पास जनपद में कितना मैनपावर है। वह बोले, अधिकारियों की मीटिंग के साथ ही ऑफिस का काम भी होता है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि हवाबाजी से कुछ नहीं होता।