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साढू के छोटे भाई ने दोस्त की मदद से दिया था दोहरे हत्याकांड को अंजाम
Updated Wed, 10 Jan 2018 11:53 PM IST
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हरिद्वार। सेवानिवृत्त रेलवे र्मी और उसके बेटे की नृशंस हत्या का आखिरकार तीन माह की भागदौड़ के बाद पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक रेलवे कर्मी और बेटे की हत्या उसके साढू के छोटे भाई ने अपने दोस्त की मदद से की। गिरफ्तार आरोपी हत्यारे बताया कि उसने दोनों की हत्या इसलिए की कि उसे शक था कि रेलवे कर्मी का बेटा अवैध संबंधों के शक पर उसके भाई की हत्या करवाना चाहता है।
शांतिपुरम कालोनी जगजीतपुर कनखल के रहने वाले सेवानिवृत्त रेलवे कर्मी श्यामलाल कुकरेजा और उसके बेटे राहुल की दो माह पूर्व चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड के बाद मृतक के भाई लोकनाथ कुकरेजा की ओर से अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए वारदात में शामिल दो हत्यारों अभिषेक चौधरी पुत्र सतेंद्र चौधरी निवासी धीरवाली गुघाल रोड ज्वालापुर और आकाश चौहान पुत्र बालेश चौहान निवासी जमालपुर कलां हरिद्वार को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी सिटी ममता वोहरा ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि हत्यारों मेें शामिल अभिषेक चौधरी का बड़ा भाई गौतम चौधरी मृतक राहुल उर्फ भगत का साढू है। राहुल की पत्नी पिछले सात-आठ माह से अपनी मां के घर पर रह रही थी। जबकि उसकी मां सैक्स रैकेट चलाने के मामले में जेल में थी। मृतक राहुल को शक था कि कहीं उसकी पत्नी पिंकी भी गलत संगत में न पड़ जाए। इतना ही नही राहुल को यह शक हो गया था कि उसकी पत्नी के अपने जीजा गौतम चौधरी से संबंध हो गए हैं। इसी चक्कर मेें उसने अपने साढू़ गौतम चौधरी को दुर्घटना कराकर जान लेने की भी कोशिश की थी। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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एसपी सिटी के मुताबिक आरोपी हत्यारे अभिषेक चौधरी को जब इसका पता चला तो उसने राहुल को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। वारदात वाले दिन उसने साथी आकाश चौहान को बुलाया। दोनों ने पहले चाकू खरीदे और 11 नवंबर की रात साढे़ 11 बजे बजे मोटरसाइकिल से राहुल उर्फ भारत के घर पहुंचे। कालवेल बजाने पर राहुल ने ऊपर से नीचे आकर दरवाजा खोला। मोटरसाइकिल खड़ी करने के बाद तीनों कमरे में चले गए। तीनों डबल बेड पर एक साथ सो गए। जबकि श्यामलाल कुकरेजा नीचे वाले कमरे में चले गए। रात को वारदात को अंजाम नही दे पाए।
सुबह होने पर अभिषेक ने राहुल से पूछा कि उसने उसके भाई का एक्सीडेंट क्यों कराया। इस पर राहुल ने थप्पड़ मार दिया। बस इसी बीच आकाश ने पीछे से राहुल के गले पर चाकू मार दिया और दोनों मिलकर राहुल को चाकुओं से गोद डाला। इतने में पिता श्यामलाल कुकरेजा आ गए। उन्होंने भाप लिया था कि कुछ गलत हुआ है और उन्होंने चुपचाप फ्रिज खोला और उसमें से रोटी का डिब्बा निकाला और कहने लगे कि गाय को देकर आता हूं। हत्यारे सारा माजरा समझ गए कि यह बहाना बनाकर जाना चाहते हैं। दोनों श्यामलाल कुकरेजा को घसीटकर टायलेट में ले गए और उनकी भी हत्या कर दी।
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रेलवेकर्मी की पत्नी से भी हुई थी पूछताछ
हत्याकांड की जांच पड़ताल कर रही पुलिस ने मृतक श्यामलाल कुकरेजा की पत्नी से पूछताछ की थी जो पिछले 25 साल से पति से अलग रह रही है। राहुल का अपनी पत्नी से महिला हेल्पलाइन में केस चल रहा था जिस कारण पत्नी व उसके परिजनों से भी सख्ती से की थी।
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वारदाता का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में ये रहे शामिल
निरीक्षक अमरचंद शर्मा, थानाध्यक्ष अनुज सिंह , उपनिरीक्षक दर्शन प्रसाद काला, अहसान अली, पंकज, महेंद्र तोमर, मुकेश नेगी, निरीक्षक प्रदीप विष्ट उपनिरीक्षक रविद्र कुमार, देवेंद्र भारती, जाकिर अली, सुनील राणा , भूपाल समेत कई पुलिसाकर्मी शामिल रहे।
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शांतिपुरम कालोनी जगजीतपुर कनखल के रहने वाले सेवानिवृत्त रेलवे कर्मी श्यामलाल कुकरेजा और उसके बेटे राहुल की दो माह पूर्व चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड के बाद मृतक के भाई लोकनाथ कुकरेजा की ओर से अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए वारदात में शामिल दो हत्यारों अभिषेक चौधरी पुत्र सतेंद्र चौधरी निवासी धीरवाली गुघाल रोड ज्वालापुर और आकाश चौहान पुत्र बालेश चौहान निवासी जमालपुर कलां हरिद्वार को गिरफ्तार कर लिया।
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एसपी सिटी ममता वोहरा ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि हत्यारों मेें शामिल अभिषेक चौधरी का बड़ा भाई गौतम चौधरी मृतक राहुल उर्फ भगत का साढू है। राहुल की पत्नी पिछले सात-आठ माह से अपनी मां के घर पर रह रही थी। जबकि उसकी मां सैक्स रैकेट चलाने के मामले में जेल में थी। मृतक राहुल को शक था कि कहीं उसकी पत्नी पिंकी भी गलत संगत में न पड़ जाए। इतना ही नही राहुल को यह शक हो गया था कि उसकी पत्नी के अपने जीजा गौतम चौधरी से संबंध हो गए हैं। इसी चक्कर मेें उसने अपने साढू़ गौतम चौधरी को दुर्घटना कराकर जान लेने की भी कोशिश की थी। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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एसपी सिटी के मुताबिक आरोपी हत्यारे अभिषेक चौधरी को जब इसका पता चला तो उसने राहुल को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। वारदात वाले दिन उसने साथी आकाश चौहान को बुलाया। दोनों ने पहले चाकू खरीदे और 11 नवंबर की रात साढे़ 11 बजे बजे मोटरसाइकिल से राहुल उर्फ भारत के घर पहुंचे। कालवेल बजाने पर राहुल ने ऊपर से नीचे आकर दरवाजा खोला। मोटरसाइकिल खड़ी करने के बाद तीनों कमरे में चले गए। तीनों डबल बेड पर एक साथ सो गए। जबकि श्यामलाल कुकरेजा नीचे वाले कमरे में चले गए। रात को वारदात को अंजाम नही दे पाए।
सुबह होने पर अभिषेक ने राहुल से पूछा कि उसने उसके भाई का एक्सीडेंट क्यों कराया। इस पर राहुल ने थप्पड़ मार दिया। बस इसी बीच आकाश ने पीछे से राहुल के गले पर चाकू मार दिया और दोनों मिलकर राहुल को चाकुओं से गोद डाला। इतने में पिता श्यामलाल कुकरेजा आ गए। उन्होंने भाप लिया था कि कुछ गलत हुआ है और उन्होंने चुपचाप फ्रिज खोला और उसमें से रोटी का डिब्बा निकाला और कहने लगे कि गाय को देकर आता हूं। हत्यारे सारा माजरा समझ गए कि यह बहाना बनाकर जाना चाहते हैं। दोनों श्यामलाल कुकरेजा को घसीटकर टायलेट में ले गए और उनकी भी हत्या कर दी।
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रेलवेकर्मी की पत्नी से भी हुई थी पूछताछ
हत्याकांड की जांच पड़ताल कर रही पुलिस ने मृतक श्यामलाल कुकरेजा की पत्नी से पूछताछ की थी जो पिछले 25 साल से पति से अलग रह रही है। राहुल का अपनी पत्नी से महिला हेल्पलाइन में केस चल रहा था जिस कारण पत्नी व उसके परिजनों से भी सख्ती से की थी।
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वारदाता का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में ये रहे शामिल
निरीक्षक अमरचंद शर्मा, थानाध्यक्ष अनुज सिंह , उपनिरीक्षक दर्शन प्रसाद काला, अहसान अली, पंकज, महेंद्र तोमर, मुकेश नेगी, निरीक्षक प्रदीप विष्ट उपनिरीक्षक रविद्र कुमार, देवेंद्र भारती, जाकिर अली, सुनील राणा , भूपाल समेत कई पुलिसाकर्मी शामिल रहे।