फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   नशा छुड़ाने के नाम पर चल रहीं अवैध ‘दुकानें’

नशा छुड़ाने के नाम पर चल रहीं अवैध ‘दुकानें’

Thu, 27 Dec 2018 02:08 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 27 Dec 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
नशा छुड़ाने के नाम पर चल रहीं अवैध ‘दुकानें’
ब्यूरो/अमर उजाला।
विज्ञापन

देहरादून। नशा छुड़ाने के नाम पर राजधानी दून में नशा मुक्ति केंद्रों के नाम से कई अवैध ‘दुकानें’ चल रहीं हैं। राजधानी में ही लगभग 25 छोटे-बड़े नशा मुक्ति केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिनमें से केवल तीन पंजीकृत हैं। बाकी का न कहीं पंजीकरण है और न इनके पास कोई विशेषज्ञ। बावजूद इसके इनमें हजारों लोगों को भर्ती किया गया है। समय-समय पर ये अपनी गतिविधियों के चलते विवादों में रहे हैं, लेकिन अब तक किसी के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है। वर्तमान में भी शिकायत मिलने के बाद सिर्फ एक नशा मुक्ति केंद्र में प्रशासनिक जांच चल रही है। अमर उजाला पहले भी नशा मुक्ति केंद्रों में चल रहे गड़बड़ झाले को प्रमुखता से उठा चुका है।
पिछले दिनों उच्च न्यायालय ने प्रदेश में नशे की समस्या को समाप्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण आदेश दिए थे। इन आदेशों को नशीले पदार्थों की बिक्री के साथ-साथ यहां नशा मुक्ति केंद्रों पर भी केंद्रित किया गया था। प्रशासन ने जब पड़ताल की तो पता चला कि यहां केवल तीन नशा मुक्ति केंद्र ही ऐसे हैं, जिनका पंजीकरण रजिस्ट्रार चिट फंड सोसायटी में हैं। जबकि, जनपद देहरादून में तकरीबन 25 नशा मुक्ति केंद्र संचालित हो रहे हैं। इनमें से 22 का पंजीकरण ही नहीं है। इनकी संख्या और अधिक भी हो सकती है। प्राथमिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि इनमें न तो कोई विशेषज्ञ होता है और न ऐसा चिकित्सक जो नशे के कारण होने वाले प्रभावों या बीमारी का इलाज कर सके। इस वर्ष जनवरी में यह सारी बातें जिलाधिकारी की जांच में भी सामने आई थीं। इनमें खामियां मिली तो उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को जांच के भी निर्देश दिए थे, बावजूद इसके अब तक कोई बड़ी कार्रवाई किसी के खिलाफ नहीं हुई है।
विज्ञापन


अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके सिंह ने कई नशा मुक्ति केंद्रों की जांच की थी। इसकी रिपोर्ट दो माह पहले प्रशासन को भेजी जा चुकी है। उसी आधार पर अब प्रशासन जांच भी कर रहा है। अब देखने वाली बात है कि इन पर क्या कार्रवाई होती है? निश्चित रूप से जो रिपोर्ट दी गई थी उसके अनुसार कई खामियां इन नशा मुक्ति केंद्रों में पाई गईं थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ एसके गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed