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किटी संचालक दंपति की जमानत याचिका खारिज
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:54 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोशनाबाद।
कमेटी के करोड़ों रुपये गबन करने की आरोपी निशी कौर की जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह ने खारिज कर दी है। गुरप्रीत कौर उफ़ॱर निशी कौर पर पति सविंदर के साथ मिलकर कमेटी के करोड़ों रुपये गबन का आरोप है।
शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल बेदी ने बताया कि सविंदर सिंह एवं उसकी पत्नी निशी कौर का पुराना रानीपुर मोड हरिद्वार में जीआईजी मार्ट है, जहां वे सात वर्षों से किटी का संचालन कर रहे थे। दोनों ने मिलकर सदस्यों का करोड़ों रुपया गबन कर लिया है। 22 अगस्त 2017 को सविंदर सिंह के अचानक गायब होने पर कमेटी के सदस्य आशीष कुमार शर्मा तथा अन्य सैकड़ों व्यक्तियों ने पति- पत्नी के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी महिला की ओर से जमानत याचिका पर बहस करते हुए उनके अधिवक्ता ने कहा कि कमेटी का कार्य उनके पति करते थे। इस कार्य में उनकी कोई भूमिका नहीं है, जबकि जमानत याचिका का विरोध करते हुए शासकीय अधिवक्ता ने कहा इस मामले में कमेटी का संयुक्त संचालन पति- पत्नी की ओर से किया जा रहा था। कमेटी के हजारों सदस्यों का करीब 50 करोड़ रुपया इकट्ठा कर गबन किया गया है। इस मामले में विवेचना के दौरान करीब 200 पीड़ित व्यक्तियों के बयान विशेष जांच टीम ने लिए हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने पाया कि आरोपी महिला ने पति के साथ मिलकर किटी कमेटी का संचालन करते हुए लोगों को लालच देकर धोखाधड़ी से उनका रुपया एकत्रित कर अपने निजी कारोबार में उपयोग किया है और उनका पैसा वापस नहीं किया। न्यायालय ने आरोपी महिला की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
रोशनाबाद।
कमेटी के करोड़ों रुपये गबन करने की आरोपी निशी कौर की जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह ने खारिज कर दी है। गुरप्रीत कौर उफ़ॱर निशी कौर पर पति सविंदर के साथ मिलकर कमेटी के करोड़ों रुपये गबन का आरोप है।
शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल बेदी ने बताया कि सविंदर सिंह एवं उसकी पत्नी निशी कौर का पुराना रानीपुर मोड हरिद्वार में जीआईजी मार्ट है, जहां वे सात वर्षों से किटी का संचालन कर रहे थे। दोनों ने मिलकर सदस्यों का करोड़ों रुपया गबन कर लिया है। 22 अगस्त 2017 को सविंदर सिंह के अचानक गायब होने पर कमेटी के सदस्य आशीष कुमार शर्मा तथा अन्य सैकड़ों व्यक्तियों ने पति- पत्नी के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी महिला की ओर से जमानत याचिका पर बहस करते हुए उनके अधिवक्ता ने कहा कि कमेटी का कार्य उनके पति करते थे। इस कार्य में उनकी कोई भूमिका नहीं है, जबकि जमानत याचिका का विरोध करते हुए शासकीय अधिवक्ता ने कहा इस मामले में कमेटी का संयुक्त संचालन पति- पत्नी की ओर से किया जा रहा था। कमेटी के हजारों सदस्यों का करीब 50 करोड़ रुपया इकट्ठा कर गबन किया गया है। इस मामले में विवेचना के दौरान करीब 200 पीड़ित व्यक्तियों के बयान विशेष जांच टीम ने लिए हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने पाया कि आरोपी महिला ने पति के साथ मिलकर किटी कमेटी का संचालन करते हुए लोगों को लालच देकर धोखाधड़ी से उनका रुपया एकत्रित कर अपने निजी कारोबार में उपयोग किया है और उनका पैसा वापस नहीं किया। न्यायालय ने आरोपी महिला की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
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