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छात्रवृत्ति घोटाला : अनुराग शंखधर के खिलाफ कार्रवाई को मांगी विभागीय अनुमति
Fri, 03 May 2019 09:54 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 03 May 2019 09:54 AM IST
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छात्रवृत्ति घोटाले में फंसे जनजाति कल्याण विभाग के उप निदेशक अनुराग शंखधर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को विभागीय अनुमति मांगी गई है। इसके बाद एसआईटी शंखधर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट प्राप्त करने का प्रयास करेगी। उधर, विभाग के निदेशक बीआर टम्टा ने एसआईटी से किसी तरह का पत्र प्राप्त होने से इनकार किया है।
हरिद्वार जिले में हुए छात्रवृत्ति घोटाले में पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर को एसआईटी ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी बनाया है। मुकदमे में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा का इजाफा होने के कारण विवेचना हरिद्वार के सीओ सदर आयुष अग्रवाल को सौंपी है। शंखधर फिलहाल जनजाति कल्याण विभाग में उप निदेशक हैं। गिरफ्तारी के डर से यह अपनी ड्यूटी से भी गैर हाजिर हैं। विभाग भी उन्हें नोटिस जारी कर चुका है।
इसी बीच एसआईटी की तरफ से पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले विभागीय अनुमति को पत्र लिखा है। जनजाति कल्याण विभाग के निदेशक बीआर टम्टा ने बताया कि एसआईटी का पत्र मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ड्यूटी से गैर हाजिर होने के कारण अनुराग शंखधर को उनके घर पर नोटिस भेजा है। अभी तक उनकी तरफ से इस संबंध में कोई जवाब नहीं मिला है।
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हरिद्वार जिले में हुए छात्रवृत्ति घोटाले में पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर को एसआईटी ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी बनाया है। मुकदमे में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा का इजाफा होने के कारण विवेचना हरिद्वार के सीओ सदर आयुष अग्रवाल को सौंपी है। शंखधर फिलहाल जनजाति कल्याण विभाग में उप निदेशक हैं। गिरफ्तारी के डर से यह अपनी ड्यूटी से भी गैर हाजिर हैं। विभाग भी उन्हें नोटिस जारी कर चुका है।
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इसी बीच एसआईटी की तरफ से पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले विभागीय अनुमति को पत्र लिखा है। जनजाति कल्याण विभाग के निदेशक बीआर टम्टा ने बताया कि एसआईटी का पत्र मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ड्यूटी से गैर हाजिर होने के कारण अनुराग शंखधर को उनके घर पर नोटिस भेजा है। अभी तक उनकी तरफ से इस संबंध में कोई जवाब नहीं मिला है।
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