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ऑनलाइन ठगी करने वाला गिरोह दबोचा
Updated Sun, 22 Jul 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
एसओजी और वसंत विहार पुलिस ने दो करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंड़ाफोड़ किया है। पुलिस ने शुक्रवार रात गिरोह के पांच सदस्यों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी लॉटरी निकलने और बीमा पॉलिसी में अधिक पैसा दिलाने का लालच देकर लोगों से अलग-अलग बैंक खातों में पैसा जमा कराते थे। आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।
एसपी सिटी प्रदीप राय के अनुसार वसंत विहार थाना क्षेत्र के इंदिरनगर निवासी विशाल शुक्ला ने कुछ दिन पहले तहरीर देकर बताया था कि एशियन स्कूल के पास आर्य शॉपिंग कांप्लेक्स में उनकी मां के नाम पर एक दुकान पंजीकृत थी। वर्ष 2011 में उन्होंने यह दुकान बेच दी। इसके बाद अरुण सिंह नामक एक व्यक्ति ने दुकान के फर्जी कागज तैयार कर अलग-अलग बैंकों में खाते खोले और लेन-देन करने लगा। इस पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की गई। एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम को जांच के दौरान आरोपी अरुण द्वारा रियल सर्विस नाम की कंपनी खोलने और विभिन्न बैंकों में खाते खोलकर अनियमित लेन-देन जानकारी मिली। इसके बाद शुक्रवार को टीम ने गाजियाबाद से आरोपी अरुण सिंह को दबोच लिया गया। पूछताछ में अरुण ने ठगी के इस धंधे में अंकित, दीपक तिवारी, सिद्धांत चौधरी और हिमांशु मोगा के संलिप्त होने की बात बताई। इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से पुलिस ने 14 मोबाइल फोन, कई बैंकों के एटीएम कार्ड, चेक बुक भी बरामद किए हैं।
ऐसे करते थे ठगी
आरोपी इंटरनेट के जरिये मोबाइल कंपनियों से डाटा चोरी करने के बाद लोगों को फोन करते थे। इसके बाद आरोपी लोगों को करोड़ों की लाटरी निकलने की झांसा देते थे। इसके बाद लाटरी की रकम भुगतान के लिए सर्विस चार्ज आदि के एवज में कुछ रकम अपने बैंक खाते में जमा करा लेते थे। इसके अलावा बीमा पॉलिसी में अधिक पैसा दिलवाने या बंद पॉलिसी दोबारा शुरू करने का लालच देकर भी ठगी करते थे।
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टीम में ये रहे शामिल
आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष वसंत विहार हेमंत खंडूरी, एसओजी प्रभारी पीडी भट्ट, चौकी प्रभारी इंदिरानगर सुनील पंवार, विपिन राणा, राजीव कुमार, ललित, पंकज महिपाल, प्रमोद, आशीष, अमित और पंकज शामिल रहे।
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एसओजी और वसंत विहार पुलिस ने दो करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंड़ाफोड़ किया है। पुलिस ने शुक्रवार रात गिरोह के पांच सदस्यों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी लॉटरी निकलने और बीमा पॉलिसी में अधिक पैसा दिलाने का लालच देकर लोगों से अलग-अलग बैंक खातों में पैसा जमा कराते थे। आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।
एसपी सिटी प्रदीप राय के अनुसार वसंत विहार थाना क्षेत्र के इंदिरनगर निवासी विशाल शुक्ला ने कुछ दिन पहले तहरीर देकर बताया था कि एशियन स्कूल के पास आर्य शॉपिंग कांप्लेक्स में उनकी मां के नाम पर एक दुकान पंजीकृत थी। वर्ष 2011 में उन्होंने यह दुकान बेच दी। इसके बाद अरुण सिंह नामक एक व्यक्ति ने दुकान के फर्जी कागज तैयार कर अलग-अलग बैंकों में खाते खोले और लेन-देन करने लगा। इस पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की गई। एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम को जांच के दौरान आरोपी अरुण द्वारा रियल सर्विस नाम की कंपनी खोलने और विभिन्न बैंकों में खाते खोलकर अनियमित लेन-देन जानकारी मिली। इसके बाद शुक्रवार को टीम ने गाजियाबाद से आरोपी अरुण सिंह को दबोच लिया गया। पूछताछ में अरुण ने ठगी के इस धंधे में अंकित, दीपक तिवारी, सिद्धांत चौधरी और हिमांशु मोगा के संलिप्त होने की बात बताई। इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से पुलिस ने 14 मोबाइल फोन, कई बैंकों के एटीएम कार्ड, चेक बुक भी बरामद किए हैं।
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ऐसे करते थे ठगी
आरोपी इंटरनेट के जरिये मोबाइल कंपनियों से डाटा चोरी करने के बाद लोगों को फोन करते थे। इसके बाद आरोपी लोगों को करोड़ों की लाटरी निकलने की झांसा देते थे। इसके बाद लाटरी की रकम भुगतान के लिए सर्विस चार्ज आदि के एवज में कुछ रकम अपने बैंक खाते में जमा करा लेते थे। इसके अलावा बीमा पॉलिसी में अधिक पैसा दिलवाने या बंद पॉलिसी दोबारा शुरू करने का लालच देकर भी ठगी करते थे।
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टीम में ये रहे शामिल
आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष वसंत विहार हेमंत खंडूरी, एसओजी प्रभारी पीडी भट्ट, चौकी प्रभारी इंदिरानगर सुनील पंवार, विपिन राणा, राजीव कुमार, ललित, पंकज महिपाल, प्रमोद, आशीष, अमित और पंकज शामिल रहे।