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चार नकाबपोशों ने 10वीं के छात्र को स्कूल में जिंदा जला दिया, छात्राएं हुई बेहोश, मचा कोहराम

Wed, 06 Dec 2017 05:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा Updated Wed, 06 Dec 2017 05:35 PM IST
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10th class student burnt alive at school
जलकर मरे छात्र राकेश कनवाल के शव को एंबुलेंस से ले जाते परिजन। - फोटो : amar ujala
जीआईसी सत्यों (लमगड़ा ब्लॉक) में मंगलवार को चार नकाबपोशों ने दसवीं कक्षा के एक छात्र को केरोसिन डालकर जिंदा जला दिया। किशोर ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने मृत्यु पूर्व बयान में कहा कि चार नकाबपोशों ने उस पर केरोसिन डालकर जला दिया।
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मृत्यु पूर्व बयान से जहां यह घटना सीधे तौर पर हत्या की नजर आ रही है, वहीं स्कूल प्रशासन और पुलिस इसे आत्महत्या मान रहे है। स्कूल प्रशासन के मुताबिक खुद ही केरोसिन लेकर आए छात्र ने स्कूल के एक कमरे में उस वक्त आत्मदाह कर लिया, जब विद्यालय में प्रार्थना सभा हो रही थी।
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पुलिस ने खबर लिखे जाने मामले में कोई एफआईआर नहीं दर्ज की थी। मामला हत्या का है या आत्महत्या का, यह गुत्थी अब पुलिस को सुलझानी है।
मौत का शिकार छात्र राकेश कनवाल (15) रालाकोट का रहने वाला था।

कनवाल माता-पिता का इकलौता बेटा था, उसकी दो बहनें हैं। स्कूल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक कनवाल मंगलवार को घर से ही एक बोतल में करीब आधा लीटर केरोसिन लेकर आया था। स्कूल पहुंचने के बाद राकेश कक्षा में चला गया।
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98 प्रतिशत झुलस चुका था छात्

10th class student burnt alive at school
बेस अस्पताल पहुंचे परिजन - फोटो : amar ujala
इस बीच सुबह करीब 9.40 बजे सभी छात्र-छात्राएं विद्यालय के प्रांगण में प्रार्थना के लिए चले गए। कुछ देर बाद उसके चिल्लाने की आवाज सुनाई पड़ी। शोर सुनकर कुछ शिक्षक और बच्चे वहां पहुंचे तो उनके होश उड़ गए।

राकेश के कपड़ों में आग की लपटें उठ रही थीं। उन्होंने चटाई आदि से किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक वह बुरी तरह झुलस चुका था। विद्यालय प्रशासन ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। इस पर प्रधानाचार्य दिनेश सिंह रावत और टीचरों ने  कार से छात्र को तुरंत बेस अस्पताल अल्मोड़ा भेजा।

उसकी नाजुक हालत देखते हुए उसे सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया, वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेस अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डा. प्रीति पंत के मुताबिक राकेश कनवाल  करीब 98 प्रतिशत झुलस चुका था।  

प्रधानाचार्य रावत ने बताया कि छात्र ब्लैक बोर्ड साफ करने के नाम पर घर से ही केरोसिन लेकर आया था जबकि स्कूल में अब सफेद बोर्ड हैं और इन्हें केरोसिन से साफ नहीं किया जाता। प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने आशंका जताई है कि छात्र किसी वजह से तनाव में था और इसी के चलते उसने आत्मदाह किया।

प्रथम दृष्ट्या यह आत्मदाह का मामला लग रहा है। ऐसी जानकारी मिली है कि राकेश को सुबह घर पर भी डांट पड़ी थी। इसके बाद ही उसने यह कदम उठाया। मामले की जांच की जा रही है। इसके निष्कर्षों के आधार पर ही कुछ कहा जा सकेगा। - पी रेणुका देवी, एसएसपी अल्मोड़ा।
 

लेकिन राकेश के बयानों से पुलिस सकते में

10th class student burnt alive at school
मृतक छात्र राकेश कनवाल के शव को एंबुलेंस से ले जाते परिजन। - फोटो : amar ujala
बुरी तरह झुलसे राकेश कनवाल के मृत्यु पूर्व बयानों से पुलिस को सकते में डाल दिया है। बेस अस्पताल में पुलिस और अन्य लोगों के सामने राकेश ने बयान दिया कि चार नकाबपोश युवक स्कूल में आए और उन्होंने उसके शरीर में केरोसिन डालकर आग लगा दी। जब उससे पूछा गया कि वह घर से मिट्टी तेल लेकर क्यों आया था तो उसका जवाब था कि वह केरोसिन ब्लैक बोर्ड साफ करने के लिए लाया था।

कथित नकाबपोशों के बारे में वह कुछ नहीं बता सका। दूसरी तरफ विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना के वक्त स्कूल में नकाबपोश अथवा कोई अन्य नहीं मौजूद नहीं था और आसपास भी कोई संदिग्ध नजर नहीं आया।

बताया गया है कि राकेश अपने पड़ोस में किसी महिला से केरोसिन मांग कर लाया था। उसने महिला को बताया कि स्कूल में ब्लैक बोर्ड साफ करने के लिए केरोसिन की जरूरत है।

 

राकेश को मिलना था आज पुरस्कार

10th class student burnt alive at school
जीआईसी सत्यूं के दसवीं का छात्र राकेश कनवाल - फोटो : amar ujala
विद्यालय में राकेश द्वारा आत्मदाह करने की घटना से विद्यालय में कोहराम मच गया। बताया गया है कि राकेश की हालत देखकर विद्यालय में पढ़ने वाली कुछ छात्राएं बेहोश हो गईं और उनकी स्थिति को देखते हुए लमगड़ा से डॉक्टर को बुलाया गया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश रावत ने बताया कि राकेश पढ़ाई में ठीक था साथ ही खेलों में भी अव्वल रहता था। हाल में हुए खेल महाकुंभ के अंतर्गत 400 मीटर दौड़ में वह जिला स्तर पर दूसरे स्थान पर आया था। मंगलवार को उसे इसके लिए विद्यालय में पुरस्कार दिया जाना था, लेकिन इससे पहले ही यह घटना हो गई।

कुछ लड़कों पर परेशान करने का आरोप भी लगाया
अल्मोड़ा। बताया जाता है कि बेस अस्पताल में पुलिस की मौजूदगी में राकेश ने क्षेत्र के कुछ लड़कों द्वारा उसे परेशान किए जाने की बात भी कही। हालांकि उसने नकाबपोश कौन हो सकते हैं इस बारे में कुछ नहीं कहा। उसका यह भी कहना था कि नकाबपोश हाथ में चाकू लिए हुए थे। फिलहाल राकेश के परिजनों की ओर से किसी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उधर हल्द्वानी रवाना होने से पहले मजिस्ट्रेट ने भी राकेश के बयान ले लिए थे। माना जा रहा है कि मृत्यु पूर्व बयानों के आधार पर आगे जांच किया जाना संभव होगा।
 
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