{"_id":"5b0722ae4f1c1b8a6e8b4798","slug":"101527194286-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिश्वतखोरी का आरोपी बिजली कर्मचारी निलंबित","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रिश्वतखोरी का आरोपी बिजली कर्मचारी निलंबित
Updated Fri, 25 May 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
यूपीसीएल में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से रिश्वत लेने के आरोपी कर्मचारी को प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने निलंबित कर विद्युत वितरण खंड टिहरी के अधीक्षण अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने यह कार्रवाई अधिशासी अभियंता सतर्कता की जांच रिपोर्ट के आधार पर की है।
ऋषिकेश निवासी वीना सकलानी के बेटे विपिन सकलानी ने मुनिकीरेती सब स्टेशन पर तैनात कर्मचारी सुशील रतूड़ी के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने की शिकायत यूपीसीएल के अफसरों से की थी। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने इस मामले की जांच अधिशासी अभियंता सतर्कता को सौंपी थी। अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी कर्मचारी को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली-1999 की धाराओं के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आरोपी कर्मचारी को विद्युत वितरण खंड टिहरी अधीक्षण अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा का कहना है कि विभाग में किसी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रकरण में संलिप्त सभी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
यूपीसीएल में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से रिश्वत लेने के आरोपी कर्मचारी को प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने निलंबित कर विद्युत वितरण खंड टिहरी के अधीक्षण अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने यह कार्रवाई अधिशासी अभियंता सतर्कता की जांच रिपोर्ट के आधार पर की है।
ऋषिकेश निवासी वीना सकलानी के बेटे विपिन सकलानी ने मुनिकीरेती सब स्टेशन पर तैनात कर्मचारी सुशील रतूड़ी के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने की शिकायत यूपीसीएल के अफसरों से की थी। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने इस मामले की जांच अधिशासी अभियंता सतर्कता को सौंपी थी। अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी कर्मचारी को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली-1999 की धाराओं के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आरोपी कर्मचारी को विद्युत वितरण खंड टिहरी अधीक्षण अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा का कहना है कि विभाग में किसी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रकरण में संलिप्त सभी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन