Coronavirus: अस्थमा के मरीजों के लिए वरदान साबित हुआ लॉकडाउन, सेहत में हो रहा सुधार
- वायुमंडल में स्वच्छ हवा होने के कारण अस्पतालों में कम पहुंच रहे हैं अस्थमा के मरीज
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लॉकडाउन के कारण इन दिनों हवा प्रदूषण रहित हो गई है। यह हवा अस्थमा के मरीज के लिए भी फायदेमंद साबित हो रही है। अस्पतालों में सबसे ज्यादा अस्थमा के मरीजों की सेहत में सुधार आया है।
दून हॉस्पिटल के सांस रोग विभाग के विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट डॉक्टर अनुराग अग्रवाल के अनुसार अक्सर मौसम परिवर्तन के साथ ही अस्थमा के मरीज की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन लॉकडाउन के कारण हवा प्रदूषण रहित हो गई है।
इन दिनों अस्थमा के मरीज की संख्या भी कम हुई है। इमरजेंसी में भी मरीज कम आ रहे हैं। वेलमेड हॉस्पिटल के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉक्टर विवेक कुमार वर्मा ने बताया कि अस्थमा और सीओपीडी के मरीज इन दिनों कम आ रहे है। इसे पॉल्यूशन कम होने से जोड़ा जा सकता है।
वायुमंडल उन्हें राहत दे रहा
ऐसे रोग से ग्रस्त लोगों की तबीयत अक्सर बारिश के दौरान खराब हो जाती है। इन दिनों साफ हवा अस्थमा मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। लॉकडाउन के कारण यह मरीज खुद भी अपनी सेहत का ध्यान रख रहे हैं। ऐसे में स्वच्छ वायुमंडल उन्हें राहत दे रहा है।
क्या है अस्थमा
अस्थमा सांस की नालियों की बीमारी है, जिसमें सांस की नालियों में सिकुड़न आ जाती है, जिससे मरीज को नॉर्मल कंडीशन में सांस लेने में दिक्कत होती है। सर्दी के मौसम में और बरसात से पूर्व यह समस्या ज्यादा होती है। ऐसे में अस्थमा के मरीज को विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है।