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Uttarakhand Lockdown: धारचूला में 11 नेपालियों ने काली नदी में लगाई छलांग, चार तैरकर पहुंचे नेपाल 

Mon, 13 Apr 2020 08:25 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धारचूला(पिथौरागढ़)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धारचूला(पिथौरागढ़) Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 13 Apr 2020 08:25 PM IST
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Coronavirus Uttarakhand Lockdown: 11 Nepali Citizen Jump in kali river and tried to go Nepal
नदी में कूदे नेपाली - फोटो : अमर उजाला

लॉकडाउन के कारण उत्तराखंड के धारचूला में करीब एक हजार से ज्यादा नेपाली नागरिक फंसे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय झूला पुल बंद होने के कारण वे अपने देश नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में अब उनके सब्र का बांध जवाब देने लगा है। सोमवार को धारचूला में 11 नेपाली मजदूरों ने छारछुम और न्याबस्ती से महाकाली नदी में छलांग लगा दी। 

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उन्होंने यहां से तैरकर नेपाल जाने की कोशिश की। जिसमें एसएसबी की गश्त टीम ने सात नेपालियों को पकड़ कर थाना बलुवाकोट को सौंप दिया। वहीं, चार नेपाली नदी पार कर नेपाल पहुंचने में सफल रहे। दार्चुला नेपाल प्रशासन ने चारों नेपालियों को क्वारंटीन कर दिया है। 

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नेपाल पहुंचा एक मजदूर निकल चुका कोरोना पॉजिटिव

बता दें कि हाल ही में चंपावत के एक गांव से नदी के रास्ते नेपाल गए एक मजदूर के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। मजदूर 16 मार्च को नेपाल से मजदूरी करने चंपावत आया था। 22 मार्च से लॉकडाउन होने पर वह अपने चार अन्य साथियों के साथ 28 मार्च को नेपाल लौटा था। 

उसने नेपाल प्रशासन को बताया है कि वह टनकपुर सीमा से ट्यूब के सहारे चोर रास्ते से शारदा नदी पार कर ब्रह्मदेव पहुंचा, तो नेपाल सशस्त्र पुलिस ने उसे पकड़ लिया। महेंद्रनगर में क्वारंटीन किए गए चारों मजदूरों के सैंपल की जांच रिपोर्ट भी पॉजीटिव आई थी।

नेपाल जाने के लिए 16 श्रमिक पैदल ही निकल पड़े

नेपाल जाने के लिए पैदल निकले 16 नेपाली श्रमिकों को धौलादेवी विकासखंड के राजकीय इंटर कॉलेज बाराकूना में बनाए गए शेल्टर होम में ठहराया गया है। इन लोगों को भोजन की व्यवस्था प्रशासन ने की है।

एनटीडी और आसपास के इलाकों में रहने वाले 16 नेपाली श्रमिक शनिवार की सुबह चुपचाप नेपाल जाने के लिए पैदल ही निकल पड़े। पुलिस के रोकने पर इन नेपाली श्रमिकों का कहना था कि लॉकडाउन से उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है और वह नेपाल घर जाने के लिए पैदल ही निकले हैं। 

पुलिस ने रात में इन मजदूरों के रहने की व्यवस्था प्राथमिक स्कूल लधौली में करवाई। श्रमिकों के खाने की व्यवस्था व्यापार मंडल दन्यां ने की। बाद में इसकी सूचना तहसील प्रशासन को दी गई। एसडीएम मोनिका ने मौके पर पहुंचकर इन श्रमिकों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौलादेवी में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी श्रमिक स्वस्थ हैं। 

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धारचूला शिविर में छलका नेपालियों का दर्द

‘हुजूर कसिकै ले हमन नेपाल पुजूनै कि व्यवस्था करादी।’ यह दर्द नेपाली नागरिकों का है जो लॉकडाउन के चलते बेरोजगार होकर सीमा पर अपने देश जाने के लिए इंतजार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय झूलापुल बंद होने से इस बार नेपाली मजदूर विख्यात विषुपति पर्व भी नहीं मना सके। यहां पर 1100 मजदूर फंसे हुए हैं। सीमा पर पिछले 15 दिन से नेपाली मजदूर फंसे हैं। 

एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला, सीओ विमल आचार्य, थानाध्यक्ष विजेंद्र शाह रविवार रात मजदूरों का हाल जानने जवाहर सिंह नबियाल स्टेडियम पहुंचे। शिविर में 336 मजदूर रह रहे हैं। सभी मजदूर स्वस्थ हैं। मजदूरों ने रुंधे गले से अधिकारियों को अपनी समस्या बताई किसी तरह उन्हें नेपाल पहुंचाने की व्यवस्था कर दी जाए। उन्होंने कहा कि शिविर में उन्हें कोई परेशानी नहीं है। खाने-रहने की पूरी व्यवस्था की गई है। भारतीय अधिकारी उनका पूरा ध्यान रख रहे हैं लेकिन उन्हें अपने घर की याद सता रही है।

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