उत्तराखंड में कोरोना: इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी के 11 वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी मिले संक्रमित

संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 25 Nov 2021 11:57 PM IST

सार

Coronavirus Cases in Uttarakhand Today: उत्तराखंड में कोरोना का सबसे पहला मामला इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी के ही वरिष्ठ अधिकारियों में सामने आया था।
कोरोना वायरस की जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कोरोना वायरस की जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार

देहरादून में इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट अकेडमी में मिड टर्म प्रशिक्षण के लिए बुलाए गए यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के 11 वरिष्ठ अधिकारी कोरोना संक्रमित मिले हैं। आईएफएस अधिकारियों के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद उन्हें एकेडमी में ही क्वारंटीन कर दिया गया है। 
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देहरादून के डीएम ने एक नोटिस देकर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के निदेशक से कोविड दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के मामले में  स्पष्टीकरण मांगा है क्योंकि उन्होंने अकादमी में 8 कोविड पॉजिटिव अधिकारियों को अकादमी आने की अनुमति दी थी। 3 लोगों ने 24 नवंबर को अकादमी में कोविड पॉजिटिव पाया गया था। 


दिल्ली में रिपोर्ट आने से पहले ही देहरादून आ गए थे अधिकारी
अकेडमी के अधिकारियों के मुताबिक विभिन्न राज्यों के 40 आईएफएस अधिकारियों को मिड टर्म ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया था। इन अधिकारियों को पहले लखनऊ आईआईएम में मैनेजमेंट की ट्रेनिंग के बाद नई दिल्ली भेजा गया था। नई दिल्ली में सभी अधिकारियों का कोरोना टेस्ट कराया गया तो छह अधिकारी कोरोना संक्रमित पाए गए लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही सभी अधिकारी देहरादून पहुंच गए थे। 

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एकेडमी में ही आया था प्रदेश का पहला मामला
अधिकारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद एकेडमी अधिकारियों की ओर से तमाम एहतियाती कदम उठा लिए गए हैं। उत्तराखंड में कोरोना का सबसे पहला मामला इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी के ही ट्रेनी अधिकारियों में सामने आया था। उस वक्त ट्रेनी आईएफएस अधिकारियों का दल स्पेन समेत कई यूरोपीय देशों के भ्रमण पर गया था।

संक्रमण दर 0.12 प्रतिशत पहुंची
प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 344156 हो गई है। इनमें से 330432 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7407 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश की रिकवरी दर 96.01 प्रतिशत और संक्रमण दर 0.12 प्रतिशत दर्ज की गई है। 

एफआरआई का क्षेत्र माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित

लंबे समय बाद देहरादून में फिर दो क्षेत्र माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि जिले में इंदिरा गांधी नेशनल एकेडमी ओल्ड हॉस्टल एफआरआई और जी-2 बी-19 तिब्बतन कॉलोनी सहस्त्रधारा रोड कुल्हाल में कोरोना संक्रमित मिलेने पर कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।

जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को उक्त क्षेत्रों में कांटेक्ट ट्रेसिंग व प्रभावी सर्विलांस कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य चिकित्सधिकारी को इन क्षेत्रों में सैंपलिंग कार्य कराते हुए इसकी नियमित मॉनिटरिंग कराने व जिला पूर्ति अधिकारी को उक्त क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं एवं खाद्यान्न की आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से मास्क का उपयोग करने व बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील की है। 

अकादमी निदेशक पर लटकी महामारी अधिनियम की तलवार 

आईएफएस अधिकारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने और इसकी समुचित सूचना जिला प्रशासन को न दिए जाने पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के निदेशक पर आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी अधिनियम की तलवार लटक गई है। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. आर. राजेश कुमार ने अकादमी निदेशक को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है।

पत्र में जिला मजिस्ट्रेट ने लिखा है कि 19 नवंबर को विभिन्न राज्यों से संबंधित भारतीय वन सेवा के आठ कोरोना संक्रमित अधिकारी आपकी संस्था के कार्यक्रम के अधीन दिल्ली में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। इन सभी अधिकारियों को बिना किसी सूचना के देहरादून जिले में स्थित अकादमी में प्रवेश दिया गया। जबकि कोरोना संक्रमण से संबंधित भारत सरकार के नियमों के तहत कोविड संक्रमित व्यक्ति को होम आईसोलेशन अथवा संस्थागत आईसोलेशन में रखा जाना चाहिए था।

इन आठ अधिकारियों में से एक हिमाचल निवासी कोरोना संक्रमित अधिकारी के बारे में सूचना मिली है कि वह किसी बिना सूचना के 24 नवंबर को हिमाचल के लिए रवाना हो गए हैं। 24 नवंबर को अकादमी में तीन अन्य व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जिसकी सूचना 25 नवंबर तक स्थानीय जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध नहीं कराई गई। जो कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2020 का उल्लंघन है। जिला मजिस्ट्रेट ने अकादमी निदेशक को लिखा है कि इस संबंध में तत्काल स्पष्ट करें।
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