Lockdown: घर में योगा कर समय बिता रहे पर्वतारोही शीतल और योगेश, लोगों से भी की व्यायाम करने की अपील
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कोरोना वायरस को लेकर हुए लॉकडाउन के कारण लोग घर में ही कैद हैं। ऐसे में सभी कुछ अलग कर अपना समय बिता रहे हैं। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भी पर्वतारोही शीतल और योगेश गर्ब्याल योगा कर खुद को सेहतमंद रख रहे हैं।
उन्होंने लोगों से लॉक डाउन के नियमों का पालन करने और घर में रहकर योगा करने की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि घर में रहकर ज्यादा तनावग्रस्त न हों। इससे बचने का एक बेहतर उपाय योगा है। इससे आप खुद को फिट रखने के साथ ही पॉजिटिव भी फील करेंगे।
किताब पढ़ना भी है बेहतर उपाय
पिथौरागढ़ की शीतल ने मई 2018 में सबसे कम 23 वर्ष में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा और मई 2019 में माउंट एवरेस्ट फतह किया। वे पिछले दो साल से नैनीताल में केएमवीएन में एडवेंचर स्पोर्ट्स इंस्ट्रक्टर पद पर कार्यरत हैं। लॉकडाउन के दौरान शीतल नैनीताल में प्रसिद्ध पर्वतारोही चन्द्रप्रभा ऐतवाल की किताब 'पहाड़ की पुकार' पढ़कर और व्यायाम करके समय बिता रही हैं।
वहीं, धारचूला की व्यास घाटी निवासी योगेश सिंह गर्ब्याल ने 27 मई 2017 को माउंट एवरेस्ट को फतह किया था। गर्ब्याल ओएनजीसी में इंजीनियर पद पर कार्यरत हैं। योगेश गर्ब्याल कॉमर्शियल पायलट भी हैं और धारचूला में युवाओं के लिए पर्वतारोहण के विभिन्न कोर्स और खेल कार्यक्रम भी चलाते हैं। लॉकडाउन मेंवे आजकल अपने भाई योग शिक्षक मुकेश गर्ब्याल से योग सिख रहे हैं।