फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   coronavirus in uttarakhand latest news : revival of rishikesh IDPL oxygen plant challenge for army

उत्तराखंड में कोरोना : सेना के लिए चुनौती बना ऋषिकेश आईडीपीएल ऑक्सीजन प्लांट को पुनर्जीवित करना

Thu, 13 May 2021 03:22 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal जितेंद्र जोशी, अमर उजाला, ऋषिकेश
जितेंद्र जोशी, अमर उजाला, ऋषिकेश Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 13 May 2021 03:22 PM IST
सार

प्लांट को पुनर्जीवित करने के लिए सेना के इंजीनियरों की टीम मशीनों की मरम्मत कार्य में दिन रात जुटी है। लेकिन मशीनों के पार्ट और सप्लाई लाइन की सफाई के लिए केमिकल न मिलने से टीम को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

विज्ञापन
coronavirus in uttarakhand latest news : revival of rishikesh IDPL oxygen plant challenge for army
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दो दशक से बंद पड़ा आईडीपीएल का ऑक्सीजन प्लांट सेना के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। प्लांट को पुनर्जीवित करने के लिए सेना के इंजीनियरों की टीम मशीनों की मरम्मत कार्य में दिन रात जुटी है। लेकिन मशीनों के पार्ट और सप्लाई लाइन की सफाई के लिए केमिकल न मिलने से टीम को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्लांट दोबारा शुरू होने करना बड़ी चुनौती है। 

विज्ञापन


ब्लैक फंगस: कोविड को मात देने वालों की आंखों की रोशनी छीन रहा ये नया दुश्मन
विज्ञापन


कोविड संक्रमितों की तादाद बढ़ने के साथ मेडिकल ऑक्सीजन की भी मांग बढ़ने लगी है। ऐसे में सरकार नए ऑक्सीजन प्लांट बनाने के साथ पुराने प्लांटों को भी पुनर्जीवित करने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में आईडीपीएल में बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को फिर से शुरू करने की कवायद तेज हुई थी। यहां भी सेना के इंजीनियरों ने मोर्चा संभाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोरोना से मौतें: हरिद्वार में बनेगा स्पेशल कोविड अस्थायी श्मशान घाट, एक साथ 16 शवों का हो सकेगा दाह संस्कार 

पिछले 12 दिनों से सेना के 10 सदस्यीय इंजीनियरों की टीम ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत कर रही है। आईडीपीएल के मेकेनिकल और इलेक्ट्रिक विभाग की टीम भी इंजीनियरों की मदद कर रही है है। ऑक्सीजन प्लांट बीते दो दशक से बंद पड़ा है। ऐसे में मशीनों के कई पार्ट खराब हो चुके है और सप्लाई लाइन भी चोक है।


हाल में मशीनों के कुछ पार्ट दिल्ली से लाए गए थे, लेकिन लॉकडाउन के चलते मशीनों के कुछ पार्ट अब नहीं मिल पाए है। वहीं सप्लाई लाइन को साफ करने का केमिकल भी अब तक नहीं मिल पाया है। सेना के इंजीनियरों की टीम मशीनों के पार्ट की खोजबीन में जुटी है। अब सभी पार्ट और केमिकल मिलने के बाद ही प्लांट का परीक्षण किया जाएगा। जिसके बाद ही ऑक्सीजन प्लांट के शुरू होने का पता चल पाएगा।

मेंटेनेंस रखा जाता ध्यान तो आज चालू होता प्लांट

पुराने प्लांट एएसयू (एयर सैपरेशन यूनिट) तकनीक पर काम करते हैं। पुराने प्लांट लोहे के होते थे। इसलिए इनकी समय पर सफाई और मेंटेनेंस बहुत जरूरी होती है, लेकिन आईडीपीएल ऑक्सीजन प्लांट को पूरी तरह से ही बंद कर दिया गया था। वहीं नए प्लांट में पीएसए (प्रेशर स्विंग एडसरप्शन ) प्रयोग होता है। एएसयू प्लांट के मुकाबले पीएसए प्लांट को कम मेंटेनेंस की जरूरत पड़ती है।      

सेना के इंजीनियर प्लांट की मरम्मत का कार्य कर रहे हैं। लॉकडाउन के चलते कुछ पार्ट और केमिकल मिलने में समस्या आ रही है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ऑक्सीजन प्लांट के संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इंजीनियरों की टीम पूरी मेहनत के साथ अपना काम कर रही है।
- संजय कुमार, महा प्रबंधक, अतिरिक्त प्रभार आईडीपीएल, ऋषिकेश

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed