उत्तराखंड में कोरोना : योगनगरी ऋषिकेश में हर छठा सैंपल पॉजिटिव, फिर भी नहीं बढ़ा रहे सैंपलिंग
ऋषिकेश में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए चार सेंटर बनाए गए हैं। चारों जांच केंद्रों में रोजाना औसतन 1122 लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। इनमें से औसतन 180 सैंपल पॉजिटिव मिल रहे हैं।
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योगनगरी में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आरटीपीसीआर जांच के लिए लिया गया हर छठा सैंपल पॉजिटिव मिल रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग सैंपलिंग नहीं बढ़ा रहा है। जांच न होने के चलते संक्रमित समय पर आइसोलेट नहीं हो पा रहे हैं। जिससे संक्रमण और तेजी के साथ फैल रहा है।
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ऋषिकेश में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए चार सेंटर बनाए गए हैं। एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में, मुनिकीरेती, नगर निगम और राजकीय एलौपैथिक चिकित्सालय लक्ष्मणझूला स्थित केंद्रों में आरटीपीसीआर जांच की जाती है। चारों जांच केंद्रों में रोजाना औसतन 1122 लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। इनमें से औसतन 180 सैंपल पॉजिटिव मिल रहे हैं।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में केवल नाममात्र के लिए थाना परिसरों में एंटीजन जांच की जा रही है। कोरोना की पहली लहर में कोविड संक्रमितों की संख्या कम थी। लेकिन इस बार दूूसरी लहर में कम्युनिटी स्प्रैड के चलते संक्रमितों के केस लगातार बढ़ रहे हैं। हाल यह है कि ऋषिकेश में आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल देने वाले हर छठे व्यक्ति में कोरोना की पुष्टि हो रही है।
पिछले साल के मुकाबले इस साल संक्रमण की दर पांच गुना तक बढ़ गई है। पिछले साल औसतन 200 सैंपल रोज लिए जाते थे। इनमें से 30 से 35 सैंपल पॉजिटिव निकलते थे। विशेषज्ञों के अनुसार जनसंख्या के हिसाब से संक्रमण नियंत्रण के लिए रोजाना दो हजार तक सैंपलिंग करने की जरूरत है।
केवल एक निजी लैब का लिया जा रहा है सहयोग
ऋषिकेश में आरटीपीसीआर जांच के लिए केवल एक निजी लैब का सहयोग लिया जा रहा है। निजी लैब जांच के लिए निर्धारित शुल्क भी लेती है। लैब से मरीज को 24 घंटे में जांच रिपोर्ट भी मिल जाती है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के लिए पांच से सात दिनों का इंतजार करना पड़ता है।
निजी लैब फोन पर रिपोर्ट भेजने जैसी सुविधाओं का दावा भी करती है। लेकिन सीमित संसाधनों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग लैबों से अनुबंध करने में कतरा रहा है। वहीं मरीज नि:शुल्क जांच की व्यवस्था के सरकारी जांच के केंद्रों में ही जा रहे हैं। यही कारण है जरूरत के अनुसार जांच नहीं हो पा रही है।
हाईरिस्क क्षेत्र में हो रही एंटीजन जांच
स्वास्थ्य विभाग कंटनमेंट जोन और हाई रिस्क क्षेत्र में आरटीपीसीआर की बजाय एंटीजन जांच अधिक कर रहा है। ऐसे में मरीज को समय पर रिपोर्ट मिल जाती है। वहीं स्वास्थ्य विभाग को संक्रमितों की पहचान में आसानी होती है।
दिन - आरटीपीसीआर जांच - पॉजिटिव केस
- 9 मई - 958-152
- 10 मई - 1523 - 174
- 11 मई - 1282- 204
- 12 मई - 1207 -183
- 13 मई - 1115 - 203
- 14 मई - 950 - 165
- 15 मई - 820 - 177
आरटीपीसीआर जांच को उपलब्ध संसाधनों के अनुसार बढ़ाया गया है। काफी संख्या में एंटीजन जांच भी की जा रही है। अगर संक्रमण के मामले और बढ़ते हैं तो और अधिक संख्या में जांच की जाएगी।
- एसएस यादव नोडल अधिकारी, कोविड