Coronavirus in Uttarakhand : सुनो सरकार! होम आइसोलेशन के नाम पर कैदी मत बनाओ
- परिवार सहित होम आइसोलेशन में परेशानी झेल रहे सैन्य अधिकारी की पत्नी ने फेसबुक पर बयां की अपनी पीड़ा
- बल्लियां लगाकर घर में कर दिया कैद, डीएम, पुलिस, सीएमओ से लगाई गुहार, नहीं मिल रही कोई मदद
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Corona In Uttarakhand: 1192 नए संक्रमित मिले, 13 की मौत, मरीजों की संख्या 37 हजार पार
उन्हें फल, सब्जी, दूध तक के लिए जूझना पड़ रहा है। पूरा परिवार संक्रमित होने के बाद उनके सामने आ रही दिक्कतें एक सैन्य अधिकारी की पत्नी ने फेसबुक के माध्यम से बताई हैं। उनका कहना है कि सरकारी तंत्र के लापरवाही भरे रवैये के कारण ही लोग इस बीमारी को छुपा रहे हैं।
महिला का कहना है कि उनके पति सैन्य अस्पताल में अधिकारी हैं। जो कोरोना संकट काल में दिन-रात अस्पताल में मरीजों की सेवा कर रहे थे। जिसके कारण वह भी संक्रमण की चपेट में आ गए। वह किराये के मकान में रहते हैं।
पूरा परिवार संक्रमित
पति के कोरोना संक्रमित होने के बाद उनका पूरा परिवार संक्रमित हो गया। जिसके बाद सेना के चिकित्सकों ने सभी को होम आइसोलेट कर दिया। पूरा परिवार इस बीमारी के चपेट में आने के सदमे से वह उबर नहीं पाए थे कि प्रशासन ने उनके घर को एक जेलखाना बना दिया।
घर के बाहर बल्लियां लगाकर पूरी तरह से बंद कर दिया गया। जिसके बाद से वह एक कैदी की तरह रह रहे हैं। बाहर निकलना तो दूर उन्हें फल, सब्जी, दूध के लाले भी पड़ गए हैं।
उन्होंने लिखा है कि कई बार इस संबंध में डीएम, पुलिस, सीएमओ को जानकारी दी, लेकिन कोई मदद नहीं मिल रही है। सरकारी तंत्र के इसी रवैये के कारण आज हम लोग इस बीमारी को बताने से डर रहे हैं। जिसके कारण संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि वह संक्रमितों के साथ ऐसा व्यवहार न करे, जिससे लोग अपनी बीमारी को छिपाने के लिए मजबूर हों।