Coronavirus in Uttarakhand : संक्रमित गंभीर मरीजों को रेफर किया तो निजी अस्पतालों पर होगी कार्रवाई
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राजधानी सहित ऋषिकेश, विकासनगर ,मसूरी के निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों में कोरोना संक्रमण पाए जाने के बाद बेहद गंभीर परिस्थितियों में उन्हें रेफर नहीं किया जा सकेगा। निजी अस्पतालों को पहले गंभीर मरीज का प्राइमरी मेडिकल मैनेजमेंट करना होगा। उसके बाद ही अस्पतालों को रेफर किया जा सकेगा।
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निजी अस्पतालों द्वारा बेहद गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को दून अस्पताल रेफर किए जाने और कई मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ विभाग की ओर से यह कदम उठाया गया है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व कोविड-19 के जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. दिनेश चौहान ने बताया कि यह देखने में आ रहा है कि निजी अस्पतालों में विभिन्न बीमारियों का इलाज कराने के दौरान यदि किसी मरीज में कोरोना संक्रमण पाया जाता है तो अस्पताल उसे तत्काल दून अस्पताल में रेफर कर देता है।
यदि बेहद गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों द्वारा दून अस्पताल या कोविड-19 अस्पतालों में भेजा जाता है तो ऐसे निजी अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डॉ. चौहान ने बताया कि ऐसे मरीजों को पहले जीवन रक्षक प्रणाली पर रखकर इलाज करना होगा। इसके बाद ही रेफर कर सकते हैं।
डीएम के आदेश के बाद हटाए कोविड-19 जिला सर्विलांस अधिकारी
देहरादून जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के तेजी से बढ़ते ग्राफ के मद्देनजर जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कोविड-19 के जिला सर्विलांस अधिकारी को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी कर दिया।
जिला अधिकारी के आदेश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीसी रमोला ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश चौहान को कोविड-19 का जिला सर्विलांस अधिकारी नियुक्त किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीसी रमोला ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश चौहान को निर्देशित किया है कि वह कोविड-19 के एनएचपी पोर्टल पर जितने भी प्रकरण लंबित हैं, उनका तत्काल निस्तारण करें।
इसके साथ ही कोविड-19 के संबंध में जो भी जानकारियां हैं, वह तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं। हटाए गए सर्विलांस अधिकारी डॉ. राजीव कुमार दीक्षित को तत्काल प्रभाव से मूल पद पर भेज दिया गया है। जिले में अब तक 3132 मरीजों को कोरोना संक्रमण हो चुका है। जबकि 105 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।