Corona in Uttarakhand : पांचवीं तक स्कूल खुलेंगे या नहीं, अब कैबिनेट करेगी तय
प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पांचवीं कक्षा तक स्कूल खोले जाने के प्रस्ताव पर आशंकाओं के बादल मंडरा रहे हैं।
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प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पांचवीं कक्षा तक स्कूल खोले जाने के प्रस्ताव पर आशंकाओं के बादल मंडरा रहे हैं। बदले हालात में विद्यालयी शिक्षा विभाग ने स्वास्थ्य विभाग से परामर्श मांगा था। स्वास्थ्य विभाग ने जो परामर्श दिया है, उसने विद्यालयी शिक्षा विभाग को असमंजस में डाल दिया है।
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स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षा विभाग से पूछा है कि वह बताए कि नौवीं से 12वीं तक की कक्षाओं के संचालन में उसका क्या अनुभव रहा? साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में निरंतर हो रही वृद्धि की जानकारी मांगी है। यही वजह है कि अब स्कूल खोलने का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
दरअसल, छोटे बच्चों के मामले में सरकार कोई जोखिम लेने को तैयार नहीं है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम होने पर ही राज्य सरकार ने चरणबद्ध ढंग से पहले नौवीं से 12वीं तक और फिर छठी से नौवीं तक की कक्षाओं को खोलने का फैसला किया। इसके बाद विभाग की पहली से पांचवीं तक कक्षाएं शुरू करने की तैयारी थी। निजी स्कूल संचालक भी स्कूल खोले जाने के पक्ष में रहे हैं। वे सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं।
लेकिन पिछले एक पखवाड़े से देशभर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। प्रदेश में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। मैदानी जिलों से संक्रमण अब पहाड़ भी पहुंच गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को कोविड-19 महामारी की रोकथाम की मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) को कड़ाई से लागू कराना पड़ रहा है।
बदले हालात को देखते हुए विद्यालयी शिक्षा विभाग ने भी स्वास्थ्य विभाग से पांचवीं कक्षा तक स्कूल खोजे जाने का सुझाव मांगा था। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के बढ़ते मामलों की बात कही है। साथ ही शिक्षा विभाग से नौवीं से 12वीं कक्षा के संचालन के अनुभव से संबंधित रिपोर्ट मांगी है।
स्वास्थ्य विभाग के इस रुख को शिक्षा विभाग पांचवीं तक स्कूल खोले जाने के प्रस्ताव के प्रति अरुचि के तौर पर देख रहा है। यही वजह है कि अब गेंद कैबिनेट के पाले में डालने की तैयारी है। स्कूल खोलने का प्रस्ताव नौ अप्रैल को होने वाली कैबिनेट में बैठक में लाया जाएगा।
पहली से पांचवीं कक्षा आरंभ करने के संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी राय दी है। विभाग का कहना है कि कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग से भी पूछा गया है। इस पर केवल शिक्षा विभाग निर्णय नहीं ले सकता। विभाग कैबिनेट के समक्ष अपना प्रस्ताव रखेगा।
- डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव, विद्यालयी शिक्षा
शिक्षा विभाग की ओर से परामर्श मांगा गया था। हमने अपना परामर्श दे दिया है। यह पूछा गया है कि अभी तक नौवीं से 12वीं के बच्चों के लिए आरंभ की गई कक्षाओं का क्या अनुभव रहा है। विभाग को कोरोना के बढ़ते मामलों की जानकारी भी दी गई है।
- डॉ. पंकज पांडेय, प्रभारी सचिव, स्वास्थ्य
संगठन की ओर से प्राथमिक विद्यालयों को खोले जाने की मांग की जा रही थी, लेकिन अभी कोरोना संक्रमण के कुछ मामले बढ़े हैं। ऐसे में सरकार हालात को देखते हुए ही कोई निर्णय ले।
- दिग्विजय चौहान, प्रांतीय अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। बच्चों के लिए अभी तक कोई वैक्सीन भी तैयार नहीं हो पाई है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल स्कूल बंद रहने चाहिए।
- धर्मेंद्र सिंह रावत, जिला अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ