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Dehradun News: अनुबंधित बसें पांच वर्ष में पुरानी, निगम की 12 वर्ष के बाद भी चलानी
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Iपहाड़ों पर संचालित निगम की करीब 450 बसों में से 200 पूरी कर चुकी हैं अपनी आयु
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Iउत्तराखंड परिवहन निगम अनुबंधित बसों को पांच वर्ष आयु पूरी होने के बाद संचालन से बाहर कर देता है, लेकिन अपनी बसों को 12 वर्ष पुरानी होने के बाद भी रूटों पर भेज रहा है। वर्तमान में निगम की कई ऐसी बसें हैं जो वर्षों पहले अपनी आयु और किमी पूरा कर चुकी हैं। बावजूद इसके ये बसें पहाड़ों के रूटों पर फर्राटा भर रही हैं।
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I24 दिसंबर को कुमाऊं मंडल के भीमताल में एक रोडवेज बस के खाई में गिरने से चार लोगों की मौत हो गई थी। जबकि कई लोग घायल भी हुए थे। हादसे के दौरान बस में करीब 27 यात्री सवार थे। इस तरह के पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके परिवहन निगम इन हादसों से सबक नहीं ले रहा है।
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Iवर्तमान परिवहन निगम की ओर से करीब 965 बसों का संचालन किया जाता है। इनमें से 450 बसें पहाड़ और 515 बसें मैदानी रूटों पर संचालित की जाती हैं। इनमें से पहाड़ की करीब 200 और मैदानी क्षेत्रों की करीब 250 बसें अपनी आयु और किमी वर्षों पहले पूरा कर चुकी हैं। खटारा होने के बाद भी परिवहन निगम इन बसों की नीलामी नही कर रहा है।
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Iअनुबंधित बस के सात लाख किमी निर्धारित
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Iनिगम की ओर से अनुबंधित बसों की आयु सीमा पांच वर्ष और सात लाख किमी निर्धारित की गई है। निगम इन बसों को तय नियमों के अनुसार संचालन से बाहर कर देता है। जबकि निगम की पहाड़ी क्षेत्रों में चलने वाली बसों की आयु सीमा सात वर्ष और पांच लाख किमी और मैदानी क्षेत्रों में चलने वाली बसों की आयु सीमा सात साल और सात लाख किमी है। इसमें कई बसें वर्षों पहले अपनी आयु सीमा और किमी पूरा कर चुकी हैं।
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Iउत्तराखंड परिवहन निगम की ऐसी बसें जो, अपनी आयु सीमा और किलोमीटर पूरा कर चुकी हैं, उनकी नियमित जांच की जाती है, भौतिक और यांत्रिक रूप से दुरुस्त बसों को ही संचालन में लाया जाता है। -पवन महरा, महाप्रबंधक, संचालन उत्तराखंड परिवहन निगमI
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Iउत्तराखंड परिवहन निगम अनुबंधित बसों को पांच वर्ष आयु पूरी होने के बाद संचालन से बाहर कर देता है, लेकिन अपनी बसों को 12 वर्ष पुरानी होने के बाद भी रूटों पर भेज रहा है। वर्तमान में निगम की कई ऐसी बसें हैं जो वर्षों पहले अपनी आयु और किमी पूरा कर चुकी हैं। बावजूद इसके ये बसें पहाड़ों के रूटों पर फर्राटा भर रही हैं।
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I24 दिसंबर को कुमाऊं मंडल के भीमताल में एक रोडवेज बस के खाई में गिरने से चार लोगों की मौत हो गई थी। जबकि कई लोग घायल भी हुए थे। हादसे के दौरान बस में करीब 27 यात्री सवार थे। इस तरह के पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके परिवहन निगम इन हादसों से सबक नहीं ले रहा है।
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Iवर्तमान परिवहन निगम की ओर से करीब 965 बसों का संचालन किया जाता है। इनमें से 450 बसें पहाड़ और 515 बसें मैदानी रूटों पर संचालित की जाती हैं। इनमें से पहाड़ की करीब 200 और मैदानी क्षेत्रों की करीब 250 बसें अपनी आयु और किमी वर्षों पहले पूरा कर चुकी हैं। खटारा होने के बाद भी परिवहन निगम इन बसों की नीलामी नही कर रहा है।
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Iअनुबंधित बस के सात लाख किमी निर्धारित
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Iनिगम की ओर से अनुबंधित बसों की आयु सीमा पांच वर्ष और सात लाख किमी निर्धारित की गई है। निगम इन बसों को तय नियमों के अनुसार संचालन से बाहर कर देता है। जबकि निगम की पहाड़ी क्षेत्रों में चलने वाली बसों की आयु सीमा सात वर्ष और पांच लाख किमी और मैदानी क्षेत्रों में चलने वाली बसों की आयु सीमा सात साल और सात लाख किमी है। इसमें कई बसें वर्षों पहले अपनी आयु सीमा और किमी पूरा कर चुकी हैं।
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Iउत्तराखंड परिवहन निगम की ऐसी बसें जो, अपनी आयु सीमा और किलोमीटर पूरा कर चुकी हैं, उनकी नियमित जांच की जाती है, भौतिक और यांत्रिक रूप से दुरुस्त बसों को ही संचालन में लाया जाता है। -पवन महरा, महाप्रबंधक, संचालन उत्तराखंड परिवहन निगमI