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Uttarakhand: जबरन धर्मांतरण पर सीएम धामी का बयान, कहा- देवभूमि में यह गंभीर मामला, सख्त कानून लाने का फैसला
Fri, 18 Nov 2022 02:15 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 18 Nov 2022 02:15 PM IST
सार
मंत्रिमंडल में सरकार ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी है। सीएम धामी ने कहा कि सत्ता में आने के बाद सबसे पहले समान नागरिक संहिता के लिए समिति का गठन किया। समिति सभी वर्गों से सुझाव लेकर प्रस्ताव तैयार कर रही है। सीएम ने कहा कि धर्मांतरण एक बड़ी समस्या है।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जबरन धर्मांतरण एक बड़ी समस्या है। देवभूमि में धर्मांतरण रोकने के लिए सरकार ने सख्त कानून लाने का फैसला लिया है। मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड की जनता के सामने हमने यह बात रखी थी, कि हम राज्य के अंदर सभी के लिए समान नागरिक संहिता लागू करेंगे।
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प्रदेश की जनता ने इस पर अपना बहुमत दिया। सत्ता में आने के बाद सबसे पहले समान नागरिक संहिता के लिए समिति का गठन किया। समिति सभी वर्गों से सुझाव लेकर प्रस्ताव तैयार कर रही है। सीएम ने कहा कि धर्मांतरण एक बड़ी समस्या है।
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देवभूमि में जबरन धर्मांतरण एक गंभीर मामला है, जो नहीं होना चाहिए। इसके लिए सरकार ने सख्त कानून लाने का फैसला लिया है। बता दें कि मंत्रिमंडल में सरकार ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी है, जिसमें जबरन धर्मांतरण के लिए 10 साल तक सजा का प्रावधान किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति जबरन धर्मांतरण की शिकायत दर्ज कर सकता है।