Dehradun : सीएम ने किया आशा संगिनी एप का शुभारंभ, दून मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई नई ओटी
आशा वर्करों के काम की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग ने संगिनी एप तैयार किया है। इस से उच्च अधिकारी उनके काम की मॉनीटरिंग करेंगे। प्रभारी सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि आशा वर्कर एप पर अपने काम को अपलोड करेंगी।
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गर्भवती महिलाओं के साथ ही सड़क हादसों में घायल मरीजों व गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अब इलाज के लिए बड़े निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। ऐसे मरीजों को अब दून अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित नए ओटी इमरजेंसी ब्लॉक में ही सारी सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नवनिर्मित ओटी इमरजेंसी ब्लॉक का उद्घाटन किया। इस ओटी इमरजेंसी ब्लॉक में 10 मांड्यूलर ऑपरेेशन थिएटर बनाए गए हैं। ऑपरेशन थिएटर को डिजिटल व हाईटेक उपकरणों से लैस करने के साथ ही गंभीर मरीजों को बैक्टीरिया, वायरस से बचाने के लिए हेेपा हेपा फिल्टर भी लगाया गया है। इतना ही नहीं पूरे भवन में मौसम के लिहाज से आर्द्रता व तापमान को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई है। ताकि भर्ती गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
Uttarakhand: अब घर बैठे मोबाइल पर मिलेंगी सरकार की दर्जनों सेवाएं, सीएम धामी ने कई एप और पोर्टल किए लांच
दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यूसुफ रिजवी के मुताबिक इमरजेंसी ओटी ब्लॉक का निर्माण किए जाने के बाद अब बेहद गंभीर गर्भवती महिलाओं और सड़क हादसों में घायल गंभीर मरीजों के साथ ही तमाम बीमारियों के गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में लाए जाने के बाद ट्रायज एरिया में उनकी प्राथमिक जांच की जाएगी। जहां विशेषज्ञों की टीम गंभीर मरीजों की प्राथमिक जांच करने के बाद उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों को रेफर करेंगे। हादसों में जबड़े तुड़वा बैठे मरीजों को तत्काल इलाज मिले, इसके लिए मैक्सिलो फेशियल सर्जरी की भी व्यवस्था की गई है।
दून अस्पताल में अब मरीजों को बेड की नहीं होगी दिक्कत
दून अस्पताल परिसर में नए ओटी इमरजेंसी ब्लॉक के निर्माण के बाद अब मरीजों को बेड की दिक्कत नहीं होगी। यहां मरीजों के लिए 220 बेड की भी व्यवस्था की गई है। अस्पताल के नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट (नीकू) में भर्ती बच्चों की माताओं को रहने में दिक्कत न हो, इसके लिए अलग से वार्ड बनाने के साथ ही बेड की व्यवस्था की गई है।
इमरजेंसी में चौबीसों घंटे तैनात रहेगी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि इमरजेंसी में लाए गए मरीजों को इलाज की अत्याधुनिक सुविधाएं मिलें, इसके लिए ब्लॉक में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे तैनात रहेगी।
128 करोड़ की लागत से सात साल में बनकर हुआ तैयार
दून अस्पताल परिसर में नवनिर्मित इमरजेंसी ओटी ब्लॉक को 128 करोड़ रुपये की लागत से सात साल में तैयार किया जा सका। हालांकि, ओटी इमरजेंसी ब्लॉक को बहुत पहले तैयार किया जाना था लेकिन कोरोना संकट के कारण निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार के चलते इसका निर्माण पूरा होने में समय लग गया।
पुरानी इमरजेंसी में भी जारी रहेगा मरीजों का इलाज
दून अस्पताल परिसर में नया इमरजेंसी ब्लॉक बनाए जाने के बावजूद पुरानी बिल्डिंग को भी चालू रखा जाएगा। वहां भी डॉक्टरों की टीम मरीजों की जांच करने के साथ ही इलाज करती रहेगी।
आशा कार्यकर्ताओं का काम आसान करेगा आशा संगिनी पोर्टल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को दून अस्पताल में आधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं से लैस नवनिर्मित इमरजेंसी ओटी ब्लॉक का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल भी जाना। साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आशा कार्यकर्ताओं के लिए विशेष रूप से तैयार ‘आशा संगिनी’ पोर्टल की शुरुआत कर हस्त पुस्तिका का विमोचन किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य के दूरस्थ पर्वतीय इलाकों तक सभी को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से प्राप्त हों, इसके लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार वर्ष 2025 तक सभी क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाने के साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में भी देश का नंबर वन राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए हम सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशा संगिनी’ पोर्टल के जरिये आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं सरलता और प्रभावी रूप में मिलेेगी। पोर्टल के जरिये राज्य की 12 हजार से अधिक आशा कार्यकर्ताओं को समय पर भुगतान दिलाने और उनके कार्यों का प्रभावी मूल्यांकन सरलता से होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है और आशाएं राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं। वे दुर्गम क्षेत्रों तक प्रतिकूल परिस्थितियों में जिस तरह अपनी सेवाएं जरूरतमंदों तक पहुंचा रही हैं, वह सराहनीय है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से कुछ आशा कार्यकर्ताओें से बात भी की। कार्यक्रम में मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास, दिलीप सिंह रावत, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय दून मेडिकल कॉलेज डॉ. आशुतोष सयाना, दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यूसुफ रिजवी, डॉ. एनएस खत्री आदि मौजूद थे।
छह हजार आशाओं को जल्द मिलेंगे टैबलेट
कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की सुविधा के लिए पोर्टल शुरू किया गया है। छह हजार से अधिक हजार आशाओं को कार्य सुविधाजनक बनाने के लिए टैब दिए गए हैं। बाकी छह हजार को भी टैब जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। हर ब्लॉक मुख्यालय पर आशा संवाद के नाम से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वर्ष 2024 तक राज्य को क्षय रोगमुक्त बनाना है। वर्ष 2025 तक स्वास्थ्य के क्षेत्र में दस महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।