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आशारोड़ी में पेड़ बचाने की मुहिम होगी तेज
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आशारोड़ी में पेड़ काटने के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों और वरिष्ठ नागरिकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि पेड़ों को बचाने की मुहिम को और तेज किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि संक्षिप्त नोटिस पर विनाश के विरोध में 50 से अधिक लोगों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और चार घंटे तक मजदूरों को पेड़ काटने से रोकने में सफल रहे। इस दौरान डॉ. रवि चोपड़ा ने मनोज ध्यानी से अनुरोध किया है कि वह सभी नए एक्सप्रेस वे, सड़कों, निकट भविष्य में उत्तराखंड में होने वाली परियोजनाओं और इन परियोजनाओं के लिए कितने पेड़ काटे जाएंगे, इस बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए एक आरटीआई दायर करें।
राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदीप कुकरेती ने कहा कि वन विभाग व सरकार जनता को ये बताए कि अब तक जो हजारों पेड़ काटे गए उसके बदले में जंगल कहां आबाद किया गया। हिमांशु अरोड़ा ने तय किया है कि पेड़ काटने की प्रक्रिया को रोकने के प्रयास में हर दिन 8 से 10 लोगों के समूह आशारोड़ी जाएंगे। प्रत्येक समूह, संगठन एक दिन के लिए स्वयं सेवा करेगा और कम से कम चार से पांच घंटे के लिए साइट पर मौजूद रहेगा। रविवार को एक सामूहिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। सुशील त्यागी ने कहा कि जल्द एक कॉर्डिनेशन कमेटी बनाई जाए ताकि भविष्य में पेड़ कटने से बचाए जा सकें। बैठक में मनोज डिमरी, जेपी मैठानी,बॉबी पंवार, सुशील त्यागी,जौना कुकरेजा, विक्रम भंडारी, सुशीला चौधरी, किरण सिंह, प्रदीप कुकरेती आदि मौजूद रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि संक्षिप्त नोटिस पर विनाश के विरोध में 50 से अधिक लोगों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और चार घंटे तक मजदूरों को पेड़ काटने से रोकने में सफल रहे। इस दौरान डॉ. रवि चोपड़ा ने मनोज ध्यानी से अनुरोध किया है कि वह सभी नए एक्सप्रेस वे, सड़कों, निकट भविष्य में उत्तराखंड में होने वाली परियोजनाओं और इन परियोजनाओं के लिए कितने पेड़ काटे जाएंगे, इस बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए एक आरटीआई दायर करें।
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राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदीप कुकरेती ने कहा कि वन विभाग व सरकार जनता को ये बताए कि अब तक जो हजारों पेड़ काटे गए उसके बदले में जंगल कहां आबाद किया गया। हिमांशु अरोड़ा ने तय किया है कि पेड़ काटने की प्रक्रिया को रोकने के प्रयास में हर दिन 8 से 10 लोगों के समूह आशारोड़ी जाएंगे। प्रत्येक समूह, संगठन एक दिन के लिए स्वयं सेवा करेगा और कम से कम चार से पांच घंटे के लिए साइट पर मौजूद रहेगा। रविवार को एक सामूहिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। सुशील त्यागी ने कहा कि जल्द एक कॉर्डिनेशन कमेटी बनाई जाए ताकि भविष्य में पेड़ कटने से बचाए जा सकें। बैठक में मनोज डिमरी, जेपी मैठानी,बॉबी पंवार, सुशील त्यागी,जौना कुकरेजा, विक्रम भंडारी, सुशीला चौधरी, किरण सिंह, प्रदीप कुकरेती आदि मौजूद रहे।
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