{"_id":"6375b42ffa772b04ff3d3851","slug":"cabinet-decisions-power-projects-in-uttarakhand-thdc-got-support-in-inaccessible-and-expensive-projects","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand Cabinet: दुर्गम और महंगी बिजली परियोजनाओं में मिला टीएचडीसी का साथ, इन प्रोजेक्ट पर होगा काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand Cabinet: दुर्गम और महंगी बिजली परियोजनाओं में मिला टीएचडीसी का साथ, इन प्रोजेक्ट पर होगा काम
Thu, 17 Nov 2022 11:58 AM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Thu, 17 Nov 2022 11:58 AM IST
सार
प्रदेश में कई जल विद्युत परियोजनाएं ऐसी हैं जो कि या तो बहुत दुर्गम में हैं या फिर बहुत महंगी हैं। इनका निर्माण करना यूजेवीएनएल के लिए मुश्किल हो रहा है। अब टीएचडीसी के साथ मिलकर इन पर काम होगा। खर्च में से 74 फीसदी टीएचडीसी वहन करेगा और 26 प्रतिशत यूजेवीएनएल करेगा।
विज्ञापन
electricity
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश में दुर्गम और महंगी होने की वजह से जो बिजली परियोजनाएं यूजेवीएनएल तैयार नहीं कर पा रहा था, अब उनमें टीएचडीसी का साथ मिलेगा। टीएचडीसी और यूजेवीएनएल संयुक्त उपक्रम के तौर पर काम करेंगे। कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी है।
विज्ञापन
दरअसल, प्रदेश में कई जल विद्युत परियोजनाएं ऐसी हैं जो कि या तो बहुत दुर्गम में हैं या फिर बहुत महंगी हैं। इनका निर्माण करना यूजेवीएनएल के लिए मुश्किल हो रहा है। अब टीएचडीसी के साथ मिलकर इन पर काम होगा। खर्च में से 74 फीसदी टीएचडीसी वहन करेगा और 26 प्रतिशत यूजेवीएनएल करेगा।
विज्ञापन
हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट बनने के बाद जो बिजली पैदा होगी, उसमें से पहले 12 प्रतिशत बिजली रॉयल्टी के तौर पर उत्तराखंड को मिलेगी। बाकी बची 88 प्रतिशत में से अपने हिस्से की 26 प्रतिशत बिजली भी यूजेवीएनएल को मिलेगी। बाकी बिजली टीएचडीसी की होगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: नैनीताल हाईकोर्ट शिफ्टिंग को लेकर पहाड़ और मैदान के बीच चलती रही खींचतान, पढ़िए ये तर्क
इन प्रोजेक्ट पर होगा काम
धौलीगंगा में दो प्रोजेक्ट बनेंगे। इनमें बोकांग बेलिंग प्रोजेक्ट टीएचडीसी और उर्थिला सोबला प्रोजेक्ट रिलायंस के पास है, जो वापस देने पर बात चल रही है। अलकनंदा नदी पर लंबासू का प्रोजेक्ट यूजेवीएनएल बनाएगा। झेलम तमक प्राजेक्ट टीएचडीसी और तमक लता प्रोजेक्ट यूजेवीएनएल बनाएगा। रामगंगा नदी पर जसपाल गढ़ पंप स्टोरेज प्लांट को भी मंजूरी दी गई है।