हिजबुल कमांडर सब्जार भट के जनाजे के वक्त भीड़ में नजर आने वाले आतंकी दानिश अहमद ने भले ही सरेंडर कर दिया हो, लेकिन आपको बता दें कि वह एक ब्राइट स्टूडेंट भी रहा है। उसके आतंकी बनने की कहानी हम आपको बताते हैं। प़ढ़िए...
इसलिए बना आतंकी
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terrorist
- फोटो : Demo Photo
युवक दानिश अहमद ने कश्मीर में आत्मसमर्पण किया वह देहरादून स्थित दून पीजी कालेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नालॉजी में बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था। दून पीजी कॉलेज के निदेशक डा. संजय चौधरी के मुताबिक दानिश ने 25 मई को बीएससी थर्ड ईयर फॉरेस्ट्री का पहला पेपर दिया था। इसके बाद वह अपने घर चला गया।
डायरेक्टर डा. चौधरी के मुताबिक दानिश अहमद की कॉलेज में किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि नहीं रही। वह प्रथम और द्वितीय वर्ष में पढ़ने में तेज था। उसका आतंकी बनना बेहद चौंकाने वाला सच है।
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सोशल मीडिया
- फोटो : Astute Media
बकौल दानिश उसे उत्तरी कश्मीर में युवाओं को आतंकी बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक पूछताछ में उसने बताया कि वह दक्षिणी कश्मीर के आतंकियों से सोशल मीडिया के जरिये संपर्क में था।
वे उसे बार-बार उकसाते थे। उनके द्वारा उकसाए जाने पर वह आतंकी बना। दानिश ने यह भी बताया कि हिज्ब कमांडरों ने उसे उत्तरी कश्मीर के स्थानीय युवाओं को आतंकवाद में शामिल होने की जिम्मेदारी दी थी।