दरोगा मारपीट प्रकरण: भाजपा ने मंत्री अरविंद पांडेय समेत 20 नामजदों पर बैठाई जांच
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उत्तराखंड में भाजपा ने काशीपुर में दरोगा से मारपीट प्रकरण में जांच बैठा दी है। इस प्रकरण में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय समेत 20 लोग नामजद हैं। मंत्री पर आरोप है कि उनके नेतृत्व में कुंडेश्वरी पुलिस थाने में पहुंची भीड़ ने चौकी प्रभारी के साथ अभद्रता और धक्कामुक्की की। लोकसभा चुनाव के दौरान सामने आई इस घटना से पार्टी असहज है। पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष केदारनाथ जोशी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है।
प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नरेश बंसल से पत्रकारों ने सरकार के मंत्री की मौजूदगी में खनन कारोबारियों द्वारा पुलिस चौकी में हंगामा किए जाने के संबंध में प्रश्न पूछा था, लेकिन उन्होंने इस संबंध में स्पष्ट जवाब नहीं दिया। लेकिन शाम को उन्होंने शीर्ष नेताओं से मंत्रणा करने के बाद जांच समिति का गठन कर दिया।
जांच समिति में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विनय रोहिला व अनुशासन समिति के सचिव प्रकाश हरबोला को सदस्य बनाया गया है। बंसल के मुताबिक, चुनाव चल रहे हैं, इसलिए समिति से तत्काल रिपोर्ट नहीं मांगी गई है। लेकिन पांच से 10 दिन में समिति अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंप देगी।
ये है प्रकरण
काशीपुर के कुंडेश्वरी पुलिस चौकी क्षेत्र में अवैध खनन के आरोप में मंगलवार को पुलिस ने चार डंपर सीज कर दिए थे। आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के विरोध में खनन कारोबार से जुड़े कई लोगों ने चौकी में पहुंचकर हंगामा काटा था। उस समय कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय भी मौजूद थे। इस दौरान भीड़ में शामिल लोगों ने चौकी प्रभारी के साथ अभद्रता की। उनसे मारपीट करने का भी आरोप है। पुलिस ने इस मामले में मंत्री समेत 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया।
कांग्रेस ने की मंत्री अरविंद पांडेय को बर्खास्त करने की मांग
दरोगा से मारपीट के मामले में कांग्रेस शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय पर हमलावर हो गई है। पार्टी ने अरविंद पांडेय को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस की रात दिन रट लगा रही है। अब उसका असल इम्तिहान है कि क्या वह अपने सामने दरोगा को पिटवाने वाले मंत्री को बर्खास्त करेगी।
कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि ये बात साबित हो गई है कि मंत्री का माफिया को खुला संरक्षण है। यही वजह है कि मंत्री की मौजूदगी में कुंडेश्वरी चौकी में खनन माफिया ने गुंडई दिखाई और चौकी इंचार्ज के साथ बदसलूकी की गई। यह शर्मनाक है कि एनसीईआरटी की पुस्तकें दिलवाने में तो मंत्री नाकाम रहे, लेकिन खनन माफिया के हित के लिए चौकी पहुंचकर कानून व्यवस्था का मखौल जरूर उड़ा रहे हैं।