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भाजपा नेता #मीटू प्रकरण : अपनों को बचाने में भाजपा की सौदेबाजी, वायरल वीडियो से हड़कंप

Wed, 09 Jan 2019 08:32 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 09 Jan 2019 08:32 AM IST
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BJP bargaining for bjp leader me too case dehradun
सांकेतिक तस्वीर
मीटू प्रकरण में प्रदेश महामंत्री (संगठन) संजय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद भविष्य के नुकसान से बचने के लिए भाजपा साम, दाम दंड, भेद की नीति पर उतर आई है। युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष श्याम पंत ने हाल ही एक होटल में मुलाकात करके पीड़िता को विश्वास में लेने की कोशिश की।
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पंत ने इस मीटिंग की खुफिया वीडियो रिकॉर्डिंग कराई तो पीड़िता ने भी पूरे संवाद को गुपचुप तरीके से टेप कर लिया। दोनों पक्षों के बीच बातचीत का यह वीडियो सोमवार को वायरल होने से के नए विवाद की शुरूआत हो गई है कि पंत ने यह सब किसके कहने पर किया? मीटिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर उनकी मंशा क्या थी ? वीडियो सामने आने से एक बार फिर प्रकरण से जुड़े नेताओं के हाथ पांव फूल गए हैं। 
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पुलिस में मुकदमा दर्ज होने के अगले दिन 6 बजे शाम को बीजेपी युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष देहरादून श्याम पंत और पीड़िता की एक मीटिंग देहरादून के ही कनक चौक स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई। पीड़िता अपने साथ एक अन्य महिला को लेकर आई थी। श्याम ने पीड़िता को समझाया कि इस प्रकरण से जुड़े दूसरे नामों को पुलिस के आगे सार्वजनिक न करे। उसने यह भी कहा कि पार्टी की इससे बदनामी होगी, जिससे उसे शिकायत थी (संजय कुमार) उसे तो पार्टी ने बाहर कर दिया है।
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खबर है कि पीड़िता को कई तरह के आफर दिये गए। पीड़िता ने श्याम से विनय गोयल को मीटिंग में बुलाने के लिए कहा गया तो श्याम पंत ने यह कहकर इंकार कर दिया कि उनका वीडियो वायरल होने के बाद वे मिलने नहीं आ सकते।

पीड़िता ने कहा कि पार्टी ने भले संजय कुमार को बाहर निकाल दिया, लेकिन मुझे पता है कि संजय देहरादून में ही है। और कहाँ है मुझे वो भी पता है। श्याम पंत ने आरोपी के देहरादून में होने से इंकार किया गया। इसके बाद श्याम ने पीड़िता की अपने मोबाइल से किसी की बात करवाई। इसके बाद सोमवार को दोनों के बीच के हुई गोपनीय वार्ता का वीडियो वायरल हो गया। वीडियो किसने वायरल किया यह तो जांच का विषय है, लेकिन इससे भाजपा को नुकसान हो गया।

दो सिम कनेक्शन किसके 
पीड़िता का दावा है कि संवाद करने के लिए उसे दो मोबाइल सिम श्याम पंत ने मुहैया कराए हैं। एक कनेक्शन ********** है, जो ट्रू कॉलर पर श्याम पंत का नाम दिखा रहा है। फोन कनेक्शन लेने में अश्विनी कुमार का आधार कार्ड लगा है। सूत्रों के अनुसार कनेक्शन लेने के बाद सिम कार्ड चालू करने का ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) भी पीड़िता को श्याम ने भेजा। दूसरा कनेक्शन नंबर ********** है, जो ट्र कॉलर पर सुनील उनियाल गामा का नाम दिखा रहा है। इन दोनों फोन नंबर पर ही पीड़िता से श्याम पंत बात कर रहा है। 

मेरी दो तीन पहले से बात चल रही थी। पीड़िता से बातचीत की सिर्फ एक वजह थी कि इस मामले में पार्टी की और बदनामी न हो। जिसको सजा मिलनी थी, उसे मिल गई। पुलिस जांच में अगर कोई तथ्य मिलेगा तो सजा होगी। मैंने उससे मुलाकात के दौरान बस इतनी गुजारिश की है कि रोज-रोज प्रकरण से जुड़े वीडियो जारी न करें। इस मामले में जिन और लोगों के नाम होने की चर्चा हो रही है उसके सार्वजनिक होने से पार्टी की ओर बदनामी होगी। पहले तो वो मेरी बात समझ गई थीं, लेकिन अब बातचीत का वीडियो वायरल होने से सारी बात बिगड़ गई। हां यह भी बता दूं कि पैसे के लेन देन की कोई बात उससे नहीं हुई है। 
- श्याम पंत, भाजपा नेता 

मुकदमे की जांच महिला हेल्प लाइन प्रभारी को

भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री संजय कुमार के खिलाफ मुकदमे की विवेचना अधिकारी को बदल दिया गया है। एसएसपी ने मामले की जांच का जिम्मा अब महिला हेल्प लाइन की प्रभारी ज्योति चौहान को सौंपा है। एसएसपी के अनुसार अनुभवी महिला दारोगा से जांच करने के मकसद से यह फैसला लिया गया है। विवेचना अधिकारी बदलने के बाद अब जल्द ही पीड़िता के बयान दर्ज किए जाएंगे।

गौरतलब है कि शनिवार को संजय कुमार के खिलाफ शहर कोतवाली में अश्लील हरकतें करने, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि उन्होंने पद का लालच देते हुए महिला से यह हरकतें की हैं। मामला सामने आने के बाद महिला ने बीते 11 नवंबर को एसएसपी से ईमेल के जरिए शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सरिता डोभाल ने इसकी जांच की और एसएसपी को रिपोर्ट सौंपी। मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच शहर कोतवाली में तैनात महिला दारोगा को दी गई थी।

सोमवार को एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि हाईप्रोफाइल मुकदमे की जांच किसी अनुभवी महिला दारोगा से कराई जाएगी। ताकि, किसी राजनीतिक दबाव या किसी अन्य कारण से जांच में कोई ढिलाई न हो। इसलिए जांच अब महिला हेल्प लाइन प्रभारी को सौंपी गई है। इसके साथ ही क्षेत्राधिकारी नगर को इसके पर्यवेक्षण के लिए नियुक्त किया गया है। वे जांच की प्रगति की रिपोर्ट लगातार एसएसपी को देंगे।

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