कौशल विकास केंद्रों पर बॉयोमीट्रिक हाजिरी होने पर ही मिलेगी नए कोर्स की मंजूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) में अब बॉयोमीट्रिक हाजिरी के आधार पर ही कौशल विकास केंद्रों को नए कोर्स चलाने की अनुमति दी जाएगी। केंद्र सरकार ने बॉयोमीट्रिक में दी गई छूट को समाप्त कर दिया है। एक दिसंबर के बाद बॉयोमीट्रिक सिस्टम की सुविधा वाले केंद्रों को नए कोर्सों में प्रशिक्षण देने की अनुमति मिलेगी।
बॉयोमीट्रिक हाजिरी में आ रही दिक्कतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने 30 नवंबर 2018 तक प्रदेशभर के सभी कौशल विकास केंद्रों को छूट दी थी। इसके बाद केंद्र संचालक रजिस्टर में ही प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति लगा रहे थे। कई केंद्रों से शिकायत मिली कि प्रशिक्षणार्थियों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है।
इसे देखते हुए अब केंद्र ने एक दिसंबर से बॉयोमीट्रिक हाजिरी को अनिवार्य कर दिया है। पीएमकेवीवाई के तहत उन्हीं केंद्रों को नए कोर्स चलाने की अनुमति दी जाएगी। जिसमें बॉयोमीट्रिक मशीनें लगी हैं। उत्तराखंड कौशल विकास मिशन के तहत फिलहाल नए कोर्स आवंटित नहीं किए जा रहे हैं।
राज्य निवासियों को ही आवंटित होंगे केंद्र
प्रदेश सरकार भी उत्तराखंड कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण के लिए नियमावली में बदलाव करने जा रही है। अब राज्य में निवास करने वालों को ही कौशल विकास केंद्र संचालन के लिए आवंटित किए जाएंगे
राज्य सरकार कौशल विकास केंद्र आवंटन नियमावली में संशोधन करके यह प्रावधान करने जा रही है कि राज्य के केंद्र संचालक ही युवाओं को प्रशिक्षण देंगे। अभी तक राज्य से बाहर की एजेंसियों का कौशल विकास की ट्रेनिंग के लिए चयन किया गया।
पीएमकेवीवाई में कौशल विकास केंद्रों के लिए बॉयोमीट्रिक अनिवार्य किया है। एक दिसंबर के बाद जिन केंद्रों में बॉयोमीट्रिक सिस्टम होगा। उन्हीं को नए कोर्स चलाने की अनुमति दी जाएगी।
- चंद्रकांता, अपर निदेशक, उत्तराखंड कौशल विकास मिशन, उत्तराखंड