Uttarakhand: बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ नाला में बंद होने से मरीज को ले जाना हुआ मुश्किल, SDRF के जवान बने मददगार
मानसून सीजन के चलते इन दिनों पहाड़ पर जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। सड़कें बंद होने से आवाजाही मुश्किल हो गई है। ऐसे में सबसे अधिक समस्या तब खड़ी हो जाती है जब किसी मरीज को इलाज की जरूरत हो। शुक्रवार को एसडीआरएफ के जवानों की मदद से एक मरीज को मदद मिल पाई, लेकिन हर जरूरतमंद को समय पर मदद मिल जाए ऐसा हर बार नहीं होता।
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जोशीमठ बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लामबगड़ नाला बंद होने से बीमार व्यक्ति को एसडीआरएफ के जवानों की मदद से नाला पार कराया गया। माणा के गब्बर सिंह बडवाल (58) को माइनर हार्ट अटैक आया था। उन्हें उपचार के लिए हायर सेंटर ले जाया जा रहा था।
बारिश के चलते आये दिन यहां नाला बढ़ने से तीर्थ यात्रियों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यदि कोई बीमार व्यक्ति फंस जाता है तो उसे निकालने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। शुक्रवार को भी लामबगड़ नाला में हाईवे बंद होने से एक मरीज को ले जाने की समस्या खड़ी हो गई।
एसडीआरएफ ने पालकी बनाकर मरीज को तुरंत नाला पार करवाया। जिसके बाद परिजनों ने एसडीआरएफ का आभार जताया। मानसून सीजन के चलते इन दिनों पहाड़ों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला जारी है। देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
घर छोड़कर गांव में अन्य लोगों के घरों में शरण ली
मौसम विभाग के मुताबिक, इन जिलों में जहां ज्यादातर इलाकों में तेज गर्जना के साथ कहीं-कहीं भारी से बहुत अधिक बारिश की संभावना है। बीती रात को चमोली नंदानगर में भारी बारिश से मोक्ष नदी का जलस्तर बढ़ गया था जिससे धुर्मा, बांसवाड़ा और सेरा गांव के ग्रामीणों में रातभर अफरा-तफरी का माहौल रहा। नदी के कटाव से धुर्मा गांव के सूरज सिंह का मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। हालांकि भारी बारिश और नदी का जलस्तर देखते हुए सूरज के परिवार ने पहले ही घर छोड़कर गांव में अन्य लोगों के घरों में शरण ले ली थी।