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अयोध्या राम मंदिर पर टूटता जा रहा है जनता के सब्र का बांध: बाबा रामदेव

Sat, 24 Nov 2018 06:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Updated Sat, 24 Nov 2018 06:01 PM IST
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baba ramdev on ayodhya ram mandir
पतंजलि में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद अतिथिगण - फोटो : अमर उजाला
प्रख्यात योगगुरु स्वामी रामदेव ने सरकार से मांग की है कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए संसद में कानून बनाकर इसे शीघ्र ही अमलीजामा पहनाया जाना चाहिए ।
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जनता के सब्र का बांध अब टूटता जा रहा है। औरंगाबाद गांव के पास नवनिर्मित पतंजलि गुरुकुलम् के भवन के उद्घाटन समारोह के दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के अब सिर्फ दो ही विकल्प बचे हैं, या तो सरकार संसद में कानून बनाकर राम मंदिर का निर्माण कराए या फिर जनता अपने आप ही मंदिर का निर्माण शुरू कर दे।
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क्योंकि यदि मंदिर का निर्माण आम जनता खुद करेगी तो यह आरोप लगेगा कि कानून को अपने हाथ में लिया जा रहा हैं। इससे सामाजिक समरसता बिगड़ने का भी खतरा बना रहेगा।
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अब मंदिर निर्माण में देरी न करें

इसलिए जनमानस की भावना का सम्मान करते हुए सरकार को चाहिए कि वह अब मंदिर निर्माण में देरी न करें। क्योंकि कोर्ट में सुनवाई के चलते पहले ही इस मामले में बहुत ज्यादा देर हो चुकी है।

अब जनमानस के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। इस भावना को समझा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा न तो जमीन हस्तांतरण का मुद्दा है और न ही टाइटल निर्धारित होने का मुद्दा है। यह जमीन का नहीं जमीर का मुद्दा है।

राम मंदिर के लिए जमीन का अधिग्रहण क्यों नहीं किया जा सकता?

जब सरकार अस्पतालों के लिए, स्कूल, कॉलेजों और एयरपोर्टों के लिए जमीन का अधिग्रहण कर सकती है तो राम मंदिर के लिए जमीन का अधिग्रहण क्यों नहीं किया जा सकता ।

उन्होंने कहा कि राम भारत की संस्कृति, आत्मा और भारतीय जनमानस के अस्था पुरुष है। इस समय जबकि केंद्र में भी भाजपा की सरकार है और देश के अधिकतर राज्य भी भाजपा द्वारा शासित हैं।

 

ऐसे में अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर निर्माण का प्रस्ताव संसद में लेकर आते हैं तो उन्हें नहीं लगता कि कोई भी उसका विरोध करेगा। क्योंकि देश में हर किसी का विरोध हो सकता है, लेकिन राम का कोई विरोधी नहीं है।

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