ज्योतिष महाकुंभ 2018: मंत्री रेखा आर्य बोलीं, बेटी बचाने का संकल्प लेकर लौटें ज्योतिषी
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महिला-पुरुष लिंगानुपात को सुधारने के लिए ज्योतिषियों को संकल्प लेना होगा कि वे कभी गर्भ में पल भ्रूण के लिंग के बारे में नहीं बताएंगे। ज्योतिषियों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के साथ बेटी बढ़ाओ का संकल्प लेकर जाना होगा।
आप जहां कहीं भी रहें बेटियों को बचाने और बढ़ाने की जिम्मेदारी आपकी भी रहेगी। जीएमएस रोड स्थित होटल सैफ्रॉन लीफ में अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ के समापन अवसर पर सोमवार को ज्योतिषियों को संबोधित करते हुए महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य ने यह बात कही।
उन्होंने आह्वान किया कि ज्योतिष विद्या का प्रयोग बेटियों के सशक्तीकरण के लिए किया जाए। ज्योतिष संकल्प लें कि वे कभी गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जानकारी नहीं देंगे। अगर ऐसा हुआ तो कन्या भ्रूण हत्या पर पूरी तरह लगाम संभव हो पाएगा।
पंडितजी ने दिखाया रास्ता
उन्होंने तीन दिवसीय ज्योतिष महाकुंभ में देशभर से 65 महिला ज्योतिषियों के शामिल होने पर खुशी जताई। कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां महिलाएं सफलता के झंडे न गाड़ रही हों। उन्होंने कहा कि ज्योतिष और राजनीति का एक-दूसरे से गहरा संबंध है। ज्योतिष विद्या राजनीति का अभिन्न अंग है। वह खुद ज्योतिष पर बहुत विश्वास करती हैं। इससे उन्हें सकारात्मक ऊर्जा और मार्गदर्शन मिलता है।
पंडितजी ने दिखाया रास्ता
रेखा आर्य ने बताया कि उनके पंडितजी की सलाह ने उन्हें असफलता के दौर में रास्ता दिखाने का काम किया है। अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के समय जब उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया तो कई लोगों ने उन्हें चेताया कि वह अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही हैं।
रेखा ने कहा कि फ्लोर टेस्ट में भाजपा को वोट करने पर उनकी विधायकी चली गई और उनके खिलाफ एक के बाद एक कई मुकदमे दर्ज कराए गए। निराशा के उस दौर में उन्होंने दिल्ली में अपने पंडितजी से संपर्क किया। पंडितजी की सलाह पर उन्हें फायदा मिला।