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Dengue In Dehradun: आशाओं पर डेंगू की रोकथाम की कमान, 500 रुपये प्रतिदिन की मांग
Wed, 26 Jun 2024 04:17 PM IST
देहरादून ब्यूरो
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2024 04:17 PM IST
सार
प्रोत्साहन राशि में नगर निगम 1500 और स्वास्थ्य विभाग 1000 रुपये देता है। आशाएं अपनी परवाह न करते हुए फील्ड पर काम करती हैं। ऐसे में आशा कार्यकर्ताओं को भी 500 प्रतिदिन दिन के हिसाब से भुगतान किया जाए।
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डेंगू
- फोटो : amarujala
विस्तार
स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के साथ डेंगू की रोकथाम की कमान संभालने का जिम्मा आशा कार्यकर्ताओं पर होगा। इसके लिए करीब 450 आशाओं की ड्यूटी लगाई गई है। आशा घर-घर जाकर सर्वे करेंगी। उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन (सीटू) की प्रदेश अध्यक्ष शिवा दुबे ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को वॉलंटियर की तर्ज पर प्रतिदिन 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाए।
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शिवा दुबे ने बताया कि प्रोत्साहन राशि में नगर निगम 1500 और स्वास्थ्य विभाग 1000 रुपये देता है। आशाएं अपनी परवाह न करते हुए फील्ड पर काम करती हैं। आशाओं को वार्डाें में फॉगिंग करनी और घर-घर जाकर सर्वे और लोगों को जागरूक करना पड़ता है। एक आशा एक दिन में 60 से 70 घरों में जाती है। कई बार खाना खाने की फुर्सत तक नहीं रहती है।
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इन 2500 रुपयों के लिए भी साल भर तक इंतजार करना पड़ता है। बताया कि पिछले साल की प्रोत्साहन राशि के लिए जिलाधिकारी और नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। एक साल बाद प्रोत्साहन राशि का भुगतान हुआ। इस साल भी प्रोत्साहन राशि के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
शिवा दुबे ने बताया कि दो-तीन साल पहले डेंगू की रोकथाम एवं जनजागरूकता ड्यूटी के लिए आशाओं को प्रतिदिन 270 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाता है। लेकिन अब बंद हो गया। वहीं, वॉलंटियर को प्रतिदिन के हिसाब से 500 रुपये दिए जाते हैं। ऐसे में आशा कार्यकर्ताओं को भी 500 प्रतिदिन दिन के हिसाब से भुगतान किया जाए।