पिथौरागढ़: प्रसव पीड़िता को लेकर जा रही एंबुलेंस मलबे में फंसी, रास्ते में ही दिया बच्चे को जन्म
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मदकोट से मुनस्यारी जा रही एंबुलेंस मलबा आने से रास्ते में ही फंस गई। एंबुलेंस गर्भवती को अस्पताल लेकर जा रही थी। लेकिन रास्ते में कीचड़ होने के कारण एंबुलेंस आगे नहीं जा पाई। इस दौरान महिला यमुना देवी प्रसव पीड़ा से तड़पती रही।
Pithoragarh: A 108 ambulance carrying a pregnant woman got stuck in landslide-affected road connecting Madkot and Munsyari earlier today. The vehicle was later pushed out from the spot by locals. #Uttarakhand pic.twitter.com/s2wz9TbRuo
— ANI (@ANI) July 17, 2019विज्ञापन
वाहन में ही कराया प्रसव
काफी प्रयासों के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं निकली तो एंबुलेंस के स्टाफ ने वाहन में ही प्रसव कराया। इसके बाद आसपास के लोगों की मदद से धक्का देकर एंबुलेंस को कीचड़ से बाहर निकाला गया।
प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को सुरक्षित सीएचसी मुनस्यारी पहुंचाया गया। 108 एंबुलेंस के जिला कॉर्डिनेटर परमानंद पंत ने बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं।
चंपावत में एएनएम केंद्र बंद, प्रसूता की मौत हुई
चंपावत विकासखंड के दूरस्थ डांडा ग्राम पंचायत के कठौती गांव की एक महिला की शिशु को जन्म देने के कुछ देर बाद ही मौत हो गई। मौत की वजह अधिक रक्तस्राव होना बताया गया है। नवजात शिशु की हालत ठीक है। ग्राम पंचायत में एएनएम केंद्र बंद होने से महिला को तुरंत मदद नहीं मिल पाई।
67 किमी दूर अस्पताल ले जाना भी संभव नहीं हुआ। डांडा की एएनएम संतोष कंबोज का कहना है कि एएनएम केंद्र में प्रसव की सुविधा नहीं है। मौत की वजह अधिक खून बहना है। उन्होंने बताया कि ममता देवी को गर्भ के दौरान लगने वाला अंतिम टीका 20 अप्रैल को लगाया था। एएनएम दूसरे गांव में गई हुई थी।
प्रसूता की मौत का मामला मेरी जानकारी में नहीं है। पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद जांच कराई जाएगी। अगर स्वास्थ्य विभाग के किसी कर्मी की कमी की वजह से मौत की पुष्टि हुई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. आरपी खंडूरी, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।