अमर उजाला विशेष: कैसे होंगी छह माह में 22 हजार भर्तियां, संस्थाओं की नहीं इतनी क्षमता
सवाल उठ रहा है कि कम समय में इतनी भर्तियां कैसे होंगी, क्योंकि भर्ती कराने वाली संस्थाओं की इतनी क्षमता ही नहीं है।
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उत्तराखंड सरकार के नए मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने कमान संभालते ही युवाओं को रोजगार पर जोर देना शुरू कर दिया है। उनका मकसद है कि आगामी छह माह में खाली पड़े 22 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां कर ली जाएं, लेकिन सवाल यह है कि इतने कम समय में इतनी भर्तियां कैसे होंगी, क्योंकि भर्ती कराने वाली संस्थाओं की इतनी क्षमता ही नहीं है।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की क्षमता सात हजार तक की
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की वैसे तो सालभर में सामान्य क्षमता 3500 पदों पर भर्तियां करने की है लेकिन अगर समय से प्रस्ताव (अधिचायन) आ जाएं तो 7000 तक पदों पर भर्तियां हो सकती हैं। अगर समूह-ग के 15 हजार पद हैं तो इन पर छह माह के भीतर कैसे भर्तियां होंगी।
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एक भर्ती में करीब डेढ़ साल का वक्त
किसी भी भर्ती संस्था की ओर से अगर कोई भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाती है तो उसमें कम से कम एक से डेढ़ साल का वक्त लगता है। पहले विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा, परिणाम और प्रमाण पत्रों का वेरिफिकेशन शामिल है।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग : समूह ग की भर्तियां नहीं
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग इस वक्त समूह क और ख के पदों पर भर्तियां करता है। बेहद कम संख्या में समूह ग पर भर्ती निकाली जाती हैं। आयोग की पीसीएस जैसी कई भर्तियां अभी तक लटकी हुई हैं जबकि एक भर्ती में आमतौर पर एक से डेढ़ साल का वक्त यहां भी लग रहा है।
परिषद पर सरकार लगा चुकी रोक
पहले प्रदेश में समूह ग की भर्तियों के लिए उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद (यूबीटीईआर) को भी अधिकृत किया गया था लेकिन बाद में सरकार ने एक आदेश जारी करते हुए परिषद से समूह ग की भर्तियों पर रोक लगा दी थी। हालांकि, फिलहाल स्टाफ नर्स की भर्ती प्रक्रिया परिषद के ही पास है लेकिन रोक के चलते यहां भी समूह ग की भर्तियां शुरू करने के लिए पहले सरकार को आदेश करना होगा।
अधीनस्थ आयोग के पास 2000 पदों के प्रस्ताव पहुंचे
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पास लगातार भर्तियों के प्रस्ताव पहुंच रहे हैं। आयोग सचिव संतोष बडोनी के मुताबिक, अभी तक करीब 2000 पदों के लिए प्रस्ताव (अधियाचन) आ चुके हैं। इनमें वाहन चालक के 158, मानचित्रकार के 86, आईटीआई अनुदेशक के 160, फॉरेस्ट गार्ड के 893 और क्लेरिकल पदों के करीब 500 पदों के लिए प्रस्ताव शामिल हैं। आयोग इनके विज्ञापन प्रकाशित करने की तैयारी में जुट गया है।
वैसे तो सामान्य तौर पर हम सालाना 3500 पदों के लिए भर्ती परीक्षा करा सकते हैं लेकिन अगर समय से अधिचायन मिलें तो हम 7000 पदों तक भी भर्ती परीक्षा करा सकते हैं।
- संतोष बडोनी, सचिव, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग