जनरल खंडूड़ी के ‘कथित ट्वीट’ के बाद विधायक बेटी ने देहरादून में दर्ज कराया मुकदमा, जानिए पूरा मामला
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पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के कथित ट्वीट के बाद उनकी विधायक बेटी ने देहरादून पुलिस की मदद ली है। जानिए, क्या है पूरा मामला...
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के उत्तराखंड प्रवास के तीन दिन बाद शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी के कथित ट्वीट को लेकर उत्तराखंड की सियासत में गर्मी आ गई। सभी अपनी-अपनी सोच के मुताबिक उनके ट्वीट का मतलब निकाल रहे हैं। हालांकि खंडूड़ी ने यह कहते हुए पूरे मामले की हवा निकाल दी कि यह ट्वीट उन्होंने नहीं किया है।
वहीं, दूसरी ओर बीसी खंडूड़ी की बेटी और यमकेश्वर से भाजपा विधायक ऋतु खंडू़ड़ी ने देहरादून एसएसपी को शिकायती पत्र भेजा। जिसमें रविवार सुबह पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। शिकायती पत्र में ऋतु खंडूड़ी का आरोप है कि उनके पिता की छवि को बदनाम करने की कोशिश की गई है।
जानिए, क्या है पूरा मामला...
तीन ट्वीट में अटलजी को आदर्श बताने के अलावा पार्टी में मान-सम्मान जैसे विषयों का जिक्र किया गया है। पहले ट्वीट में लिखा है, ‘मैंने सेना में देश की सेवा की, राजनीति में उत्तराखंड के लिए जो मेरा सपना था, वह पूरा नहीं हो पाया।’ दूसरे ट्वीट का मजमून कुछ ऐसा है-‘आज की राजनीति सिर्फ हिंदी फिल्म बनकर रह गई है और कुछ नहीं। अटल जी मेरे आदर्श थे और हैं।’ हमेशा उनके प्रति मेरा मान सम्मान रहेगा।
तीसरे ट्वीट में लिखा-‘पार्टी मुझे मान-सम्मान दे या नहीं, मुझे कोई दुख नहीं, जनता के दिलों में मेरे प्रति आज भी प्यार है। वहीं मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।’, से ऐसा लगता है, जैसे उनके दिल को गहरा आघात लगा है। बस, यहीं से अर्थ निकालू राजनीति की शुरूआत हो गई। कुछ लोग इसे अमित शाह के दौर से जोड़कर देखने लगे कि कहीं दौरे के दौरान कुछ अप्रिय तो नहीं घट गया। लेकिन पहले दिन का कार्यक्रम में खंडूड़ी ही क्या, किसी भी पूर्व सीएम को मंच पर जगह नहीं दी गई। शायद, आयोजकों को सोचना यह रहा होगा कि एक को बैठाने का मतलब दूसरे का दिल दुखाना।
खैर, तबियत नासाज होने पर खंडूड़ी दिल्ली लौटना पड़ा था। खंडूड़ी ने इस मामले में किसी भी तरह की कोई टिप्पणी भी नहीं की थी। हां, दिल्ली जाने के लिए स्टेट प्लेन के ऑफर को उन्होंने स्वीकार नहीं किया था और सामान्य फ्लाइट से वे दिल्ली गए थे। इसको लेकर उस वक्त कुछ ‘बड़े लोगों’ के बीच जरूर यह बात हुई थी कि आखिर उन्होंने स्टेट प्लेन की सेवा क्यों नहीं ली? क्या उन्हें कुछ खराब लगा।
कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल उठा कि क्या खंडूड़ी की तबीयत वाकई इतनी खराब हो गई थी कि वे शाह का कार्यक्रम छोड़ दें, जिसके लिए वे खास तौर पर दिल्ली से आए थे। आज जब वायरल ट्वीट पर अमर उजाला ने खंडूड़ी से सवाल किया तो उन्होंने दो टूक कहा कि यह मेरा ट्वीट नहीं है। मैंने सही जगह पर इसकी जानकारी दे दी है। खंडूड़ी का यह कथन अन्य माध्यमों से तमाम भाजपाइयों तक पहुंचा। कुछ ने तो मान लिया, कुछ यह कहने से बाज नहीं आए कि 83 साल के ‘पुराने जनरल’ ने ‘नए जमाने के हथियार’ से फायर कर ही दिया।’