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उफनती नदी के किनारे महिला ने बच्चे को दिया जन्म
Updated Wed, 26 Sep 2018 01:07 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
रवासन नदी पार के कई गांव अभी भी दुश्वारियों भरा जीवन जीने को मजबूर हैं। बरसात का सीजन इन ग्रामीणों के लिए अनेक परेशानियां लेकर आता है। मंगलवार को प्रसव पीड़ा से पीड़ित एक महिला को जब उफान पर चल रही रवासन नदी के पार नहीं ले जाया जा सका तो उसने नदी के किनारे ही बच्चे को जन्म दे दिया। गनीमत रही कि जच्चा-बच्चा दोनों ही स्वस्थ और सुरक्षित हैं। बाद में परिजनों ने उन्हें प्राथमिक अस्पताल भर्ती कराया।
मंगलवार की सुबह छोटी पत्नी दिनेश निवासी रसूलपुर को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन रसूलपुर गांव से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने लगे। यहां से दूसरे गांव जाने के लिए नदी को पार करना पड़ता है। जैसे ही परिजन नदी के किनारे पहुंचे तो नदी उफान पर चल रही थी। ऐसे में वाहन से नहीं लाकर पैदल ही गांव से लालढांग की ओर चल दिए। तेज बहाव होने के कारण रवासन नदी को पार करने में समय लग गया। प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को पीड़ा अधिक होने लगी और उसने नदी किनारे ही बच्चे को जन्म दे दिया। महिला की हालत बिगड़ते देख परिजन जच्चा-बच्चा को लालडांग स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाकर भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित तथा स्वस्थ हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रसूलपुर मीठी बेरी में चिकित्सा की समुचित व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीणों को इस भीषण समस्या का दंश झेलना पड़ रहा है। इससे पूर्व भी रवासन नदी के उफान के चलते बरसात के दिनों में रसूलपुर निवासी एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया था। ग्रामीणों के लिए हमेशा खतरा बनी रवासन नदी पर झूला पुल बनाने की मांग कई बार ग्रामीणों ने जिला प्रशासन तथा स्थानीय प्रतिनिधि से कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया जा सका। ऐसे में ग्रामीण दुश्वारियों भरा जीवन जीने को मजबूर हैं। रवासन नदी पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा है लेकिन धीमी गति के कारण अभी तक पुल पूरा नहीं बन सका।
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रवासन नदी पार के कई गांव अभी भी दुश्वारियों भरा जीवन जीने को मजबूर हैं। बरसात का सीजन इन ग्रामीणों के लिए अनेक परेशानियां लेकर आता है। मंगलवार को प्रसव पीड़ा से पीड़ित एक महिला को जब उफान पर चल रही रवासन नदी के पार नहीं ले जाया जा सका तो उसने नदी के किनारे ही बच्चे को जन्म दे दिया। गनीमत रही कि जच्चा-बच्चा दोनों ही स्वस्थ और सुरक्षित हैं। बाद में परिजनों ने उन्हें प्राथमिक अस्पताल भर्ती कराया।
मंगलवार की सुबह छोटी पत्नी दिनेश निवासी रसूलपुर को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन रसूलपुर गांव से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने लगे। यहां से दूसरे गांव जाने के लिए नदी को पार करना पड़ता है। जैसे ही परिजन नदी के किनारे पहुंचे तो नदी उफान पर चल रही थी। ऐसे में वाहन से नहीं लाकर पैदल ही गांव से लालढांग की ओर चल दिए। तेज बहाव होने के कारण रवासन नदी को पार करने में समय लग गया। प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को पीड़ा अधिक होने लगी और उसने नदी किनारे ही बच्चे को जन्म दे दिया। महिला की हालत बिगड़ते देख परिजन जच्चा-बच्चा को लालडांग स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाकर भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित तथा स्वस्थ हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रसूलपुर मीठी बेरी में चिकित्सा की समुचित व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीणों को इस भीषण समस्या का दंश झेलना पड़ रहा है। इससे पूर्व भी रवासन नदी के उफान के चलते बरसात के दिनों में रसूलपुर निवासी एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया था। ग्रामीणों के लिए हमेशा खतरा बनी रवासन नदी पर झूला पुल बनाने की मांग कई बार ग्रामीणों ने जिला प्रशासन तथा स्थानीय प्रतिनिधि से कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया जा सका। ऐसे में ग्रामीण दुश्वारियों भरा जीवन जीने को मजबूर हैं। रवासन नदी पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा है लेकिन धीमी गति के कारण अभी तक पुल पूरा नहीं बन सका।
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