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अस्थि कलश यात्रा से शांतिकुंज का किनारा
Updated Mon, 20 Aug 2018 12:44 AM IST
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हरिद्वार। आजीवन विवादों से दूर रहने वाले दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा के आयोजन स्थल का चयन विवादों में घिरा रहा। कलश यात्रा शुरू करने के लिए पहले सतपाल महाराज के प्रेमनगर आश्रम और फिर गायत्री परिवार के शांतिकुंज आश्रम का चयन किया गया, मगर आखिर में रविवार को कलश यात्रा भल्ला कॉलेज के स्टेडियम से शुरू हुई। वैसे तो आधिकारिक तौर पर इस बदलाव के पीछे सुरक्षा को कारण बताया जा रहा है, मगर आयोजन के दौरान इस पर भनभनाहट रही कि भाजपा के दो दिग्गजों सतपाल महाराज और मदन कौशिक के बीच हुई खींचतान के चलते यह सब कुछ हुआ। इसका बुरा असर यह हुआ कि सारी तैयारियों के बाद हुए इस बदलाव से आहत शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या ने पूरे कार्यक्रम से किनारा कर लिया। वे श्रद्धांजलि देने तक हरकी पैड़ी पर नहीं पहुंचे। उन्होंने शांतिकुंज में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया।
जानकारी के मुताबिक सतपाल महाराज के प्रेमनगर आश्रम से अस्थि कलश यात्रा निकाले जाने के कार्यक्रम में अचानक शनिवार को बदलाव करके शांतिकुंज कर दिया तो खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और अन्य पदाधिकारियों ने सुरक्षा एजेंसियों व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शांतिकुंज का निरीक्षण किया था। शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या के साथ लंबी बैठक करके ये तय किया गया था कि शांतिकुंज से ही अस्थि कलश यात्रा हरकी पैड़ी के लिए चलेगी। देर शाम तक यात्रा शुरू करने के लिए व्यवस्थाओं पर काम होता रहा। शांतिकुंज परिवार ने समूचे परिसर और संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी के समाधि स्थल को भी अच्छी तरह सजाया था। शांतिकुंज के साधकों और देव संस्कृति विवि के छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को आज होने वाले अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति श्रद्धांजलि समारोह के लिए बुलवा लिया था। देर रात में भाजपा के एक प्रांतीय अधिकारी ने डॉ. प्रणव पंड्या को फोन करके बताया कि अस्थि कलश यात्रा शांतिकुंज के बजाय भल्ला कालेज स्टेडियम से शुरू होगी।
यह तो नहीं विवाद की वजह
चर्चा यह है कि सतपाल महाराज के आश्रम से आयोजन स्थल बदलाव कर शांतिकुंज किए जाने से मामला शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक बनाम प्रेम नगर आश्रम के संस्थापक कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज हो गया है। प्रेम नगर आश्रम की जगह शांतिकुंज किये जाने से महाराज की नाराजगी बताई जा रही है। दिल्ली दरबार को यह बताया गया कि एक अध्यात्मिक संस्था से आयोजन स्थल दूसरी आध्यात्मिक संस्था में किया जाना ठीक नहीं है। इसका संदेश ठीक नहीं जाएगा, ऐसे में एक राज्यसभा सांसद और स्थानीय अधिकारी ने बीच का रास्ता निकालते हुए भल्ला कॉलेज स्टेडियम का स्थल सुझाया, जिसे मान लिया गया।
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मान मनौव्वल की कोशिश रही बेकार
कलश यात्रा शुरू करने के लिए शांतिकुंज से भल्ला कालेज मैदान करने के बाद डा. पंड्या के पास देर रात भाजपा के कई नेता पहुंचे। राष्ट्रीय मंत्री तीरथ सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत ने डॉ. पंड्या से बात की। सभी ने अपने अपने तरीके से शांतिकुंज परिवार की नाराजगी दूर करने का प्रयास किया, लेकिन सुबह शांतिकुंज परिवार का आयोजन से दूरी बनाने से साफ है कि पंड्या पूरे प्रकरण से आहत हैं।
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जानकारी के मुताबिक सतपाल महाराज के प्रेमनगर आश्रम से अस्थि कलश यात्रा निकाले जाने के कार्यक्रम में अचानक शनिवार को बदलाव करके शांतिकुंज कर दिया तो खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और अन्य पदाधिकारियों ने सुरक्षा एजेंसियों व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शांतिकुंज का निरीक्षण किया था। शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या के साथ लंबी बैठक करके ये तय किया गया था कि शांतिकुंज से ही अस्थि कलश यात्रा हरकी पैड़ी के लिए चलेगी। देर शाम तक यात्रा शुरू करने के लिए व्यवस्थाओं पर काम होता रहा। शांतिकुंज परिवार ने समूचे परिसर और संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी के समाधि स्थल को भी अच्छी तरह सजाया था। शांतिकुंज के साधकों और देव संस्कृति विवि के छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को आज होने वाले अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति श्रद्धांजलि समारोह के लिए बुलवा लिया था। देर रात में भाजपा के एक प्रांतीय अधिकारी ने डॉ. प्रणव पंड्या को फोन करके बताया कि अस्थि कलश यात्रा शांतिकुंज के बजाय भल्ला कालेज स्टेडियम से शुरू होगी।
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यह तो नहीं विवाद की वजह
चर्चा यह है कि सतपाल महाराज के आश्रम से आयोजन स्थल बदलाव कर शांतिकुंज किए जाने से मामला शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक बनाम प्रेम नगर आश्रम के संस्थापक कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज हो गया है। प्रेम नगर आश्रम की जगह शांतिकुंज किये जाने से महाराज की नाराजगी बताई जा रही है। दिल्ली दरबार को यह बताया गया कि एक अध्यात्मिक संस्था से आयोजन स्थल दूसरी आध्यात्मिक संस्था में किया जाना ठीक नहीं है। इसका संदेश ठीक नहीं जाएगा, ऐसे में एक राज्यसभा सांसद और स्थानीय अधिकारी ने बीच का रास्ता निकालते हुए भल्ला कॉलेज स्टेडियम का स्थल सुझाया, जिसे मान लिया गया।
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मान मनौव्वल की कोशिश रही बेकार
कलश यात्रा शुरू करने के लिए शांतिकुंज से भल्ला कालेज मैदान करने के बाद डा. पंड्या के पास देर रात भाजपा के कई नेता पहुंचे। राष्ट्रीय मंत्री तीरथ सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत ने डॉ. पंड्या से बात की। सभी ने अपने अपने तरीके से शांतिकुंज परिवार की नाराजगी दूर करने का प्रयास किया, लेकिन सुबह शांतिकुंज परिवार का आयोजन से दूरी बनाने से साफ है कि पंड्या पूरे प्रकरण से आहत हैं।