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पांच साल बाद मिलेगी कॉलेजों को स्थायी संबद्धता
Updated Tue, 13 Mar 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के संबद्ध कॉलेजों को पांच साल बाद स्थायी संबद्धता मिल जाएगी। इससे पहले पांच साल तक हर साल कॉलेजों का निरीक्षण अनिवार्य है। सोमवार को उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में हुई श्रीदेव सुमन विवि के कॉलेजों की बैठक में कुलपति डॉ.यूएस रावत ने यह जानकारी दी। इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार कॉलेजों को सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। शर्त यह है कि कॉलेज शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करें।
बैठक में कॉलेजों ने कोर्स की संबद्धता के लिए ली जाने वाली 15 लाख और 25 लाख की एफडी की कीमत घटाकर दो से पांच लाख रुपये करने की मांग उठाई। इस पर शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। डॉ.रावत ने बताया कि अब कॉलेजों की संबद्धता से जुड़ी कोई भी फाइल शासन में नहीं जाएगी। इसके बजाय सीधे विवि से राजभवन भेजी जाएगी। कॉलेजों ने विवि की वेबसाइट से सही अपडेट न मिलने का मुद्दा उठाया, जिसमें सुधार का आश्वासन दिया गया।
इसी प्रकार, कुछ कॉलेजों ने शिकायत की कि छात्रों की मार्कशीट में गलतियां आ रही हैं। इस पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.यूएस रावत ने कहा कि गलतियां छात्रों के गलत कोड भरने से हो रही हैं। वहीं, कॉलेजों ने हर साल विवि के निरीक्षण पर विरोध जताया तो कुलपति ने बताया कि यूजीसी के नियमों के हिसाब से पांच साल तक हर साल निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद कॉलेज को स्थायी संबद्धता मिल जाएगी। बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ.सविता मोहन भी शामिल हुईं।
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परीक्षा में लापरवाही पर कार्रवाई
बैठक में कुलपति डॉ.यूएस रावत ने कॉलेजों को चेताया कि अगर परीक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही की गई तो संबंधित कॉलेज की संबद्धता खत्म करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने सभी कॉलेजों से आने वाली परीक्षा में नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
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श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के संबद्ध कॉलेजों को पांच साल बाद स्थायी संबद्धता मिल जाएगी। इससे पहले पांच साल तक हर साल कॉलेजों का निरीक्षण अनिवार्य है। सोमवार को उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में हुई श्रीदेव सुमन विवि के कॉलेजों की बैठक में कुलपति डॉ.यूएस रावत ने यह जानकारी दी। इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार कॉलेजों को सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। शर्त यह है कि कॉलेज शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करें।
बैठक में कॉलेजों ने कोर्स की संबद्धता के लिए ली जाने वाली 15 लाख और 25 लाख की एफडी की कीमत घटाकर दो से पांच लाख रुपये करने की मांग उठाई। इस पर शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। डॉ.रावत ने बताया कि अब कॉलेजों की संबद्धता से जुड़ी कोई भी फाइल शासन में नहीं जाएगी। इसके बजाय सीधे विवि से राजभवन भेजी जाएगी। कॉलेजों ने विवि की वेबसाइट से सही अपडेट न मिलने का मुद्दा उठाया, जिसमें सुधार का आश्वासन दिया गया।
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इसी प्रकार, कुछ कॉलेजों ने शिकायत की कि छात्रों की मार्कशीट में गलतियां आ रही हैं। इस पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.यूएस रावत ने कहा कि गलतियां छात्रों के गलत कोड भरने से हो रही हैं। वहीं, कॉलेजों ने हर साल विवि के निरीक्षण पर विरोध जताया तो कुलपति ने बताया कि यूजीसी के नियमों के हिसाब से पांच साल तक हर साल निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद कॉलेज को स्थायी संबद्धता मिल जाएगी। बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ.सविता मोहन भी शामिल हुईं।
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परीक्षा में लापरवाही पर कार्रवाई
बैठक में कुलपति डॉ.यूएस रावत ने कॉलेजों को चेताया कि अगर परीक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही की गई तो संबंधित कॉलेज की संबद्धता खत्म करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने सभी कॉलेजों से आने वाली परीक्षा में नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।