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गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने पंकज दिल्ली रवाना
Updated Tue, 16 Jan 2018 01:29 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला देहरादून
गुलदार से अपनी मां की जान बचाने वाले पंकज सेमवाल गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने सोमवार को मां विमला देवी के साथ दिल्ली रवाना हो गए। 26 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंकज को वीरता पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। राज्य बाल कल्याण परिषद कार्यालय में पंकज को परेड में शामिल होने के लिए पास सौंपा गया। पंकज दिल्ली में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल समेत अन्य कई प्रतिष्ठित हस्तियों से मिलेंगे। उन्हें दिल्ली में दर्शनीय और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा।
टिहरी के नारगढ़ गांव, धारमंडल, प्रतापनगर निवासी पंकज सेमवाल ने अपनी जान की परवाह किए बगैर न केवल मां को गुलदार के हमले से छुड़ाया, बल्कि सूझबूझ का परिचय देते हुए भाई-बहनों को भी गुलदार के हमले से सुरक्षित किया था। इस साहसिक कार्य को देखते हुए वीरता पुरस्कार के लिए उत्तराखंड से उनका चयन हुआ है। पंकज की मां ने बताया कि उसके पिता चालक थे, जिनकी कुछ समय पहले दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। उनका साथ न होना दुखद है, लेकिन उन्होंने बेटे की बहादुरी का मेडल लेते देखने का अवसर मुझे दे दिया। राजकीय इंटर कॉलेज राजखेत में 12वीं के छात्र पंकज परिवार की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। बाल कल्याण परिषद के महासचिव बीके डोभाल, सचिव कमलेश्वर प्रसाद भट्ट ने बताया कि पंकज के साथ संरक्षक के रूप में मां रहेगी।
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वीर बालक के कार्य को सराहा
परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील चंद्र डोभाल, डॉ.आईएस पाल, डॉ.कुसुमरानी नैथानी, मधु बेरी, सोलोमन प्रकाश, कुसुम कोठारी, डॉ.जेसी मिश्रा, भूपेश जोशी, केपी सती, प्रोमिला कौल, पीएस कठैत, विनोद थपलियाल ने वीर बालक को शुभकामनाएं दीं।
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गुलदार से अपनी मां की जान बचाने वाले पंकज सेमवाल गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने सोमवार को मां विमला देवी के साथ दिल्ली रवाना हो गए। 26 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंकज को वीरता पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। राज्य बाल कल्याण परिषद कार्यालय में पंकज को परेड में शामिल होने के लिए पास सौंपा गया। पंकज दिल्ली में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल समेत अन्य कई प्रतिष्ठित हस्तियों से मिलेंगे। उन्हें दिल्ली में दर्शनीय और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा।
टिहरी के नारगढ़ गांव, धारमंडल, प्रतापनगर निवासी पंकज सेमवाल ने अपनी जान की परवाह किए बगैर न केवल मां को गुलदार के हमले से छुड़ाया, बल्कि सूझबूझ का परिचय देते हुए भाई-बहनों को भी गुलदार के हमले से सुरक्षित किया था। इस साहसिक कार्य को देखते हुए वीरता पुरस्कार के लिए उत्तराखंड से उनका चयन हुआ है। पंकज की मां ने बताया कि उसके पिता चालक थे, जिनकी कुछ समय पहले दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। उनका साथ न होना दुखद है, लेकिन उन्होंने बेटे की बहादुरी का मेडल लेते देखने का अवसर मुझे दे दिया। राजकीय इंटर कॉलेज राजखेत में 12वीं के छात्र पंकज परिवार की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। बाल कल्याण परिषद के महासचिव बीके डोभाल, सचिव कमलेश्वर प्रसाद भट्ट ने बताया कि पंकज के साथ संरक्षक के रूप में मां रहेगी।
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वीर बालक के कार्य को सराहा
परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील चंद्र डोभाल, डॉ.आईएस पाल, डॉ.कुसुमरानी नैथानी, मधु बेरी, सोलोमन प्रकाश, कुसुम कोठारी, डॉ.जेसी मिश्रा, भूपेश जोशी, केपी सती, प्रोमिला कौल, पीएस कठैत, विनोद थपलियाल ने वीर बालक को शुभकामनाएं दीं।
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