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बदइंतजामी की मार, ठंड से बेहाल मरीज और तीमारदार दून मेडिकल कालेज: सुविधाओं की क

Thu, 28 Dec 2017 02:05 AM IST
Updated Thu, 28 Dec 2017 02:05 AM IST
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बदइंतजामी की मार, ठंड से बेहाल मरीज और तीमारदार   दून मेडिकल कालेज: सुविधाओं की क
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
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राजधानी के एकमात्र सबसे बड़े सरकारी दून मेडिकल कालेज अस्पताल में सुविधाओं की कमी और मरीजों के बढ़ते दबाव के चलते ठंड में मरीज बेहाल हैं। अस्पताल में बदइंतजामी का आलम यह है कि महिला अस्पताल में एक बेड पर दो मरीजों को भर्ती किया गया है। वहीं, इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को आईसीयू में जगह न होने से समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। बुधवार रात चाकू लगने से घायल एक व्यक्ति के अस्पताल में पहुंचने के डेढ़ घंटे बाद उसे ओटी में शिफ्ट किया गया। घायल का तुरंत ऑपरेशन किया जाना था, लेकिन डेढ़ घंटा इसी उधेड़बुन में बीत गया कि इसे भर्ती किया जाए या फिर किसी निजी अस्पताल में रेफर। वहीं, दूसरी ओर अस्पताल में तीमारदार अब भी फर्श पर नजर आए। यह हाल तब है जब मेडिकल कालेज में सुविधाओं को लेकर सचिव स्वास्थ्य नितेश झा बीते दिनो खुद अस्पताल का निरीक्षण कर चुके हैं। उनके निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए मैराथन बैठकों का दौर चलता रहा, लेकिन बदइंतजामी बरकरार है। बुधवार रात अमर उजाला टीम ने अस्पताल में व्यवस्थाओं का जायजा। टीम ने जैसा अस्पताल में देखा। पेश है उसकी रिपोर्ट................
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रात आठ बजे: दून अस्पताल की इमरजेंसी
अस्पताल की इमरजेंसी में पुलिस चाकू लगने से घायल व्यक्ति को लेकर पहुंची है। कोतवाल बीवीडी जुयाल डाक्टर से घायल को भर्ती किए जाने को कह रहे हैं, लेकिन अस्पताल में मौजूद डाक्टरों ने बताया कि आईसीयू में जगह नहीं है, लिहाजा घायल को कही और ले जाया जाए। पुलिस और डाक्टरों के बीच मरीज को भर्ती करने को लेकर बहस होने लगी कुछ देर बाद हम आगे बढ़ गए।
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रात 8:24 बजे: दून अस्पताल का महिला वार्ड समय
अस्पताल के महिला वार्ड में रायपुर निवासी गीता देवी भर्ती हैं, महिला से अस्पताल में सुविधाओं को लेकर पूछा गया तो उसने बताया कि कंबल अस्पताल की ओर से मिले हैं, किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है, हम आगे बढ़े तो परिसर में आज कुछ सुरक्षा गार्ड भी नजर आए।
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रात 8:37 बजे: दून महिला अस्पताल का एनएनसी वार्ड
अस्पताल के एएनसी वार्ड में मरीज और तीमारदार भोजन कर रहे हैं, वार्ड में ही एक बेड पर दो महिलाएं लेटी हुई हैँ, पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि अस्पताल में बेड नहीं है ऐसे में एक ही बेड में दोनो लेटी हैं। एफआरआई निवासी ऊषा देवी और टिहरी गढ़वाल निवासी दुर्गा देवी ने कहा कि दोनो आज सुबह अस्पताल में भर्ती हुई। बेड नहीं है अब दोनो को एक ही बेड में रात गुजारनी है।
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रात नौ बजे: दून का इमरजेंसी वार्ड
इमरजेंसी वार्ड में काफी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद है, एसपी सीटी प्रदीप राय का कहना है कि चाकू लगने से घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती किए जाने से मना किया जा रहा है। डाक्टरों का कहना है कि आईसीयू में घायल के लिए जगह नहीं है। हमने स्थिति से एसएसपी निवेदिता को बताया दिया है, एसएसपी मामले में सीएमओ से बात कर रही हैं। देखते हैं क्या होता है। इस बीच अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केके टम्टा और वरिष्ठ सर्जन विपुल कंडवाल भी अस्पताल पहुंच गए।
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रात 9:15 बजे : दून अस्पताल की ओटी
अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केके टम्टा अस्पताल की ओटी में पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारी से कहा कि घायल के ऑपरेशन की व्यवस्था की जाए, लेकिन कर्मचारी बताता है कि ओटी की चाबी सिस्टर के पास है, 15 मिनट बाद कर्मचारी ओटी की चाबी ले आया, ओटी को खुलवाया गया। सीएमएस ने कहा कि खून की व्यवस्था कर ली गई है एनेथेटिस्ट को भी बुला लिया गया है।
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रात 9:36 बजे: अस्पताल की इमरजेंसी
अस्पताल में पुलिस रात पौने आठ बजे जिस घायल को लेकर पहुंची उसे ओटी में शिफ्ट किया गया। अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केके टम्टा ने बताया कि घायल हृदयनारायण (29 वर्ष) हाल निवासी चूना भट्टा के पेट में दो जगह चाकू से गोदा गया है, इससे उसकी आंतें फट गई है।

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कोट::
महिला अस्पताल में 111 बेड हैं और हर दिन 40 डिलिवरियां होती हैं, भर्ती महिला को कम से कम 48 घंटे अस्पताल में रखना होता है, ऐसे में अस्पताल में बेड की दिक्कत तो होगी ही, अस्पताल की कमियों को दूर किया जाए इसके लिए मैं कई बार पत्र लिख चुका हूं, लेकिन इन कमियों को दूर नहीं किया जा सका है।
- डॉ. केके टम्टा प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक दून अस्पताल
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