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स्कूली वैन के पीले रंग की बाध्यता खत्म हो
Updated Sun, 18 Feb 2018 01:48 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड स्कूल वैन एसोसिएशन की शनिवार को हुई बैठक में स्कूली वाहन चालकों की समस्याओं पर चर्चा हुई। प्रांतीय अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने कहा कि स्कूली वाहन चालकों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन परिवहन आयुक्त और संभागीय परिवहन अधिकारी को सौंपा गया है, ताकि उनकी समस्याएं 20 फरवरी को होने वाली आरटीए की बैठक में रखी जा सकें। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार की दृष्टि से युवा वैन खरीदकर स्कूलों में चला रहे हैं, लेकिन परिवहन विभाग के नए-नए सर्कुलर जारी होने से वैन चालक परेशान हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल वैन का रंग पीला करने और स्पीड गवर्नर की बाध्यता खत्म की जाए। वैन पर चार इंच की पीली पट्टी लगाने की छूट दी जाए। स्कूली वैन को भी स्कूल वाहनों की श्रेणी में रखा जाए। मीडिया प्रभारी गगन ढींगरा ने कहा कि तीन माह का समय देते हुए स्कूल वैन के परमिट पर रोक लगाई जाए। साथ ही स्कूल वैन के लिए घरेलू और व्यावसायिक श्रेणी के बीच का रास्ता निकालते हुए इंश्योरेंस तय किया जाए। बिना परमिट बच्चों को ढोने वाली वैन का संचालन बंद किया जाए।
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उत्तराखंड स्कूल वैन एसोसिएशन की शनिवार को हुई बैठक में स्कूली वाहन चालकों की समस्याओं पर चर्चा हुई। प्रांतीय अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने कहा कि स्कूली वाहन चालकों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन परिवहन आयुक्त और संभागीय परिवहन अधिकारी को सौंपा गया है, ताकि उनकी समस्याएं 20 फरवरी को होने वाली आरटीए की बैठक में रखी जा सकें। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार की दृष्टि से युवा वैन खरीदकर स्कूलों में चला रहे हैं, लेकिन परिवहन विभाग के नए-नए सर्कुलर जारी होने से वैन चालक परेशान हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल वैन का रंग पीला करने और स्पीड गवर्नर की बाध्यता खत्म की जाए। वैन पर चार इंच की पीली पट्टी लगाने की छूट दी जाए। स्कूली वैन को भी स्कूल वाहनों की श्रेणी में रखा जाए। मीडिया प्रभारी गगन ढींगरा ने कहा कि तीन माह का समय देते हुए स्कूल वैन के परमिट पर रोक लगाई जाए। साथ ही स्कूल वैन के लिए घरेलू और व्यावसायिक श्रेणी के बीच का रास्ता निकालते हुए इंश्योरेंस तय किया जाए। बिना परमिट बच्चों को ढोने वाली वैन का संचालन बंद किया जाए।