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महिला की हत्या में मुख्य आरोपी का मददगार भाई गिरफ्तार
Updated Sun, 07 Jan 2018 02:05 AM IST
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महिला की हत्या में मुख्य आरोपी का मददगार भाई गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
प्रॉपर्टी विवाद में हुई महिला की हत्या मामले में पुलिस ने शनिवार को मुख्य आरोपी के मददगार भाई को भी गिरफ्तार कर लिया है। उसने महिला का शव को ठिकाने लगाने में मदद की थी। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
बता दें बीते साल 22 मार्च को शक्ति नहर क्लोजर के पास बोरे में बंद महिला की लाश मिली थी। उसकी पहचान अलका राय पुत्री गणेश प्रसाद (26) निवासी कांवली रोड देहरादून के रूप में हुई थी। जांच-पड़ताल में यह बात प्रकाश में आई थी कि अलका के माता-पिता की मृत्यु होने पर किसी व्यक्ति ने धोखाधड़ी से उनका घर बैंक में गिरवी रख दिया। इस सिलसिले में अलका को अक्सर कोर्ट जाना पड़ता था। कोर्ट परिसर में अलका की मुलाकात गुलफाम पुत्र याकूब निवासी मोहब्बेवाला थाना क्लेमेंटटाउन से हुई। गुलफाम ने अलका को उसका घर बैंक से छुड़ाने का भरोसा दिलाया था। इसी शर्त पर दोनों के बीच डील हुई कि अलका अपना घर गुलफाम को बेच देगी। जब केस अंतिम दौर में पहुंचा तो अलका वादे से मुकर गई। इसी रंजिश में गुलफाम ने अलका को 22 फरवरी 2017 को सहस्त्रधारा स्थित एक रेस्टोरेंट में बुलवाया। जहां पहले उसने महिला को शराब पिलाई और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद गुलफाम ने अपने भाई इस्लाम की मदद से शव कार में डालकर विकासनगर कोतवाली क्षेत्र में पहुंचा और शक्ति नहर में फेंक दिया। इस मामले में मुख्य आरोपी गुलफाम ने पहले ही कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। रिमांड के दौरान गुलफाम ने अलका का शव ठिकाने लगाने में अपने भाई इस्लाम की संलिप्तता कबूली थी। एसएसआई बलदेव सिंह के अनुसार इसी आधार पर इस्लाम को आरोपी बनाया गया था। इस्लाम को बीते शुक्रवार रात मोहब्बेवाला से गिरफ्तार कर शनिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
प्रॉपर्टी विवाद में हुई महिला की हत्या मामले में पुलिस ने शनिवार को मुख्य आरोपी के मददगार भाई को भी गिरफ्तार कर लिया है। उसने महिला का शव को ठिकाने लगाने में मदद की थी। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
बता दें बीते साल 22 मार्च को शक्ति नहर क्लोजर के पास बोरे में बंद महिला की लाश मिली थी। उसकी पहचान अलका राय पुत्री गणेश प्रसाद (26) निवासी कांवली रोड देहरादून के रूप में हुई थी। जांच-पड़ताल में यह बात प्रकाश में आई थी कि अलका के माता-पिता की मृत्यु होने पर किसी व्यक्ति ने धोखाधड़ी से उनका घर बैंक में गिरवी रख दिया। इस सिलसिले में अलका को अक्सर कोर्ट जाना पड़ता था। कोर्ट परिसर में अलका की मुलाकात गुलफाम पुत्र याकूब निवासी मोहब्बेवाला थाना क्लेमेंटटाउन से हुई। गुलफाम ने अलका को उसका घर बैंक से छुड़ाने का भरोसा दिलाया था। इसी शर्त पर दोनों के बीच डील हुई कि अलका अपना घर गुलफाम को बेच देगी। जब केस अंतिम दौर में पहुंचा तो अलका वादे से मुकर गई। इसी रंजिश में गुलफाम ने अलका को 22 फरवरी 2017 को सहस्त्रधारा स्थित एक रेस्टोरेंट में बुलवाया। जहां पहले उसने महिला को शराब पिलाई और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद गुलफाम ने अपने भाई इस्लाम की मदद से शव कार में डालकर विकासनगर कोतवाली क्षेत्र में पहुंचा और शक्ति नहर में फेंक दिया। इस मामले में मुख्य आरोपी गुलफाम ने पहले ही कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। रिमांड के दौरान गुलफाम ने अलका का शव ठिकाने लगाने में अपने भाई इस्लाम की संलिप्तता कबूली थी। एसएसआई बलदेव सिंह के अनुसार इसी आधार पर इस्लाम को आरोपी बनाया गया था। इस्लाम को बीते शुक्रवार रात मोहब्बेवाला से गिरफ्तार कर शनिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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